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वैभव सूर्यवंशी के 10 वर्षीय भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी की समस्तीपुर में आक्रामक पारी
भारतीय क्रिकेट में इन दिनों यदि किसी युवा खिलाड़ी का नाम सबसे अधिक चर्चा में है, तो वह है वैभव सूर्यवंशी। लेकिन अब ऐसा प्रतीत हो रहा है कि सूर्यवंशी परिवार में क्रिकेट प्रतिभा केवल एक खिलाड़ी तक सीमित नहीं है। बिहार के समस्तीपुर जिले से आने वाले इस परिवार का एक और युवा बल्लेबाज सुर्खियों में आ गया है। वैभव के छोटे भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी ने स्थानीय क्रिकेट मुकाबले में विस्फोटक शतक जड़कर क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। 87 गेंदों पर 103 रनों की उनकी आक्रामक पारी ने यह संकेत दे दिया है कि सूर्यवंशी परिवार भारतीय क्रिकेट को आने वाले वर्षों में एक और प्रतिभाशाली बल्लेबाज दे सकता है। दूसरी ओर, वैभव स्वयं IPL 2026 में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम में जगह बनाकर देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।
क्रिकेट जगत में जब भी सूर्यवंशी उपनाम की चर्चा होती है, तो स्वाभाविक रूप से ध्यान वैभव सूर्यवंशी की ओर जाता है। हालांकि इस बार चर्चा का केंद्र कोई और है। समस्तीपुर के ताजपुर क्रिकेट अकादमी के लिए खेलते हुए 10 वर्षीय आशीर्वाद सूर्यवंशी ने 87 गेंदों पर 103 रन बनाकर स्थानीय क्रिकेट सर्किट में सनसनी फैला दी।
उनकी पारी में 20 चौके और एक छक्का शामिल था। इससे भी अधिक प्रभावशाली तथ्य उनका 118.39 का स्ट्राइक रेट रहा, जो यह दर्शाता है कि उन्होंने शुरुआत से ही विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। इतनी कम उम्र में इस प्रकार का आत्मविश्वास और आक्रामकता किसी भी युवा खिलाड़ी के उज्ज्वल भविष्य का संकेत मानी जाती है।
आशीर्वाद की बल्लेबाजी में वही निडरता दिखाई दी जिसके लिए उनके बड़े भाई वैभव पिछले कुछ महीनों से जाने जाते रहे हैं। मैदान के चारों ओर शॉट खेलने की क्षमता, तेज रन गति बनाए रखना और गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाना उनकी पारी की प्रमुख विशेषताएं रहीं।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम उम्र में तकनीकी क्षमता के साथ-साथ मानसिक दृढ़ता का प्रदर्शन भविष्य में बड़े स्तर पर सफलता की नींव रख सकता है। आशीर्वाद की इस पारी ने स्थानीय क्रिकेट समुदाय को यह विश्वास दिलाया है कि सूर्यवंशी परिवार में प्रतिभा की विरासत आगे भी जारी रहने वाली है।
अपने छोटे भाई की शानदार उपलब्धि पर वैभव सूर्यवंशी ने भी गर्व व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर स्कोरकार्ड साझा करते हुए आशीर्वाद को बधाई दी और उनकी उपलब्धि को सार्वजनिक रूप से सराहा।
यह कदम केवल एक बड़े भाई के स्नेह का प्रतीक नहीं था, बल्कि यह भी दर्शाता है कि परिवार के भीतर क्रिकेट को लेकर मजबूत समर्थन और प्रेरणा का माहौल मौजूद है। वैभव की यह प्रतिक्रिया तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुई और क्रिकेट प्रशंसकों ने दोनों भाइयों की तुलना शुरू कर दी।
जहाँ आशीर्वाद स्थानीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं, वहीं वैभव सूर्यवंशी पहले ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुके हैं।
IPL 2026 में वैभव ने ऐसा प्रदर्शन किया जिसने अनुभवी खिलाड़ियों तक को पीछे छोड़ दिया। उन्होंने 16 मैचों में 776 रन बनाए और पूरे टूर्नामेंट के सर्वोच्च रन-स्कोरर बने। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने प्रतिष्ठित ऑरेंज कैप अपने नाम की।
विशेष बात यह रही कि उन्होंने इस दौड़ में साई सुदर्शन, शुभमन गिल और विराट कोहली जैसे स्थापित सितारों को पीछे छोड़ा। इतनी कम उम्र में यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे प्रभावशाली अभियानों में से एक मानी जा रही है।
IPL 2026 के दौरान वैभव ने केवल रन ही नहीं बनाए, बल्कि कई रिकॉर्ड भी ध्वस्त किए।
सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ प्लेऑफ मुकाबले में उन्होंने मात्र 29 गेंदों पर 97 रन बनाकर क्रिकेट जगत को स्तब्ध कर दिया। वह IPL इतिहास का सबसे तेज शतक बनाने के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गए थे, लेकिन 97 रन पर आउट हो जाने के कारण यह उपलब्धि उनसे कुछ कदम दूर रह गई।
6 जून को जब वैभव सूर्यवंशी को पहली बार भारतीय टीम में शामिल किए जाने की घोषणा हुई, तो बिहार के समस्तीपुर जिले स्थित उनका पैतृक गांव ताजपुर उत्सव में बदल गया।
गांव के लोगों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने उनके घर पहुंचकर परिवार को बधाई दी। जगह-जगह मिठाइयाँ बांटी गईं, लड्डू वितरित किए गए और पटाखे फोड़े गए। यह दृश्य किसी बड़े राष्ट्रीय उत्सव से कम नहीं था।
वैभव की सफलता ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया। ग्रामीणों ने इसे अपने क्षेत्र की उपलब्धि के रूप में देखा और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया।
वैभव के भारतीय टीम में चयन के बाद उनके पिता संजीव सूर्यवंशी भावुक दिखाई दिए। उन्होंने बताया कि परिवार लंबे समय से इस क्षण की प्रतीक्षा कर रहा था।
उन्होंने कहा कि वैभव बचपन से ही देश के लिए खेलने का सपना देखते थे और उन्होंने उस सपने को पूरा करने के लिए अथक मेहनत की। परिवार के अनुसार, यह उपलब्धि वर्षों की मेहनत, त्याग और समर्पण का परिणाम है।
संजीव सूर्यवंशी ने कहा कि पूरे गांव ने इस सफलता को अपनी सफलता के रूप में मनाया और परिवार के लिए यह गर्व तथा खुशी का अविस्मरणीय क्षण है।
वैभव सूर्यवंशी की सफलता पहले ही भारतीय क्रिकेट में नई उम्मीदों का संचार कर चुकी है। अब आशीर्वाद सूर्यवंशी की शतकीय पारी ने इस कहानी को और दिलचस्प बना दिया है।
यदि आशीर्वाद अपनी वर्तमान प्रगति को बनाए रखते हैं, तो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को एक और विस्फोटक बल्लेबाज मिल सकता है। दोनों भाइयों की आक्रामक बल्लेबाजी शैली आधुनिक क्रिकेट की मांगों के अनुरूप दिखाई देती है, जहाँ स्ट्राइक रेट और मैच पर प्रभाव पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो चुके हैं।
खेलों में प्रतिभा का विकास भी किसी दीर्घकालिक निवेश की तरह होता है। वैभव सूर्यवंशी की कहानी यह दिखाती है कि प्रारंभिक प्रतिभा को सही मार्गदर्शन, अनुशासन और अवसर मिलने पर वह राष्ट्रीय स्तर की सफलता में बदल सकती है। वहीं आशीर्वाद की हालिया पारी संकेत देती है कि सूर्यवंशी परिवार की क्रिकेट यात्रा अभी समाप्त नहीं हुई है।
क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह केवल दो भाइयों की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस भारतीय खेल पारिस्थितिकी तंत्र की कहानी है जहाँ छोटे शहरों और गांवों से निकलकर खिलाड़ी विश्व मंच तक पहुँच रहे हैं। यदि वर्तमान संकेतों पर भरोसा किया जाए, तो आने वाले वर्षों में सूर्यवंशी परिवार भारतीय क्रिकेट की सबसे चर्चित क्रिकेटिंग कहानियों में से एक बन सकता है।
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जिंदल स्टेनलेस (Jindal Stainless) Share Price Target Rs 821: प्रभुदास लीलाधर शेयर रिसर्च
प्रभुदास लीलाधर (PL Capital) ने जिंदल स्टेनलेस पर अपनी रेटिंग को ‘Accumulate’ से अपग्रेड कर ‘BUY’ कर दिया है और शेयर के लिए Rs 821 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। रिसर्च हाउस का मानना है कि हालिया गिरावट के बाद स्टॉक का जोखिम-प्रतिफल (Risk-Reward) अनुपात निवेशकों के पक्ष में हो गया है। निकेल कीमतों में उतार-चढ़ाव, ईंधन लागत में वृद्धि और चीनी आयातों से जुड़े अल्पकालिक दबावों के बावजूद कंपनी की दीर्घकालिक विकास संभावनाएँ मजबूत बनी हुई हैं। इंडोनेशिया में नई क्षमता, डाउनस्ट्रीम विस्तार, भारत में स्टेनलेस स्टील की बढ़ती पैठ और बेहतर वैल्यूएशन को देखते हुए ब्रोकरेज को आने वाले वर्षों में आय और मुनाफे में मजबूत वृद्धि की उम्मीद है।
हालिया करेक्शन के बाद आकर्षक निवेश अवसरPL Capital का मानना है कि बाजार फिलहाल जिंदल स्टेनलेस के अल्पकालिक जोखिमों पर अत्यधिक ध्यान दे रहा है, जबकि कंपनी के दीर्घकालिक विकास इंजन को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा। पिछले एक महीने में शेयर में 15% से अधिक की गिरावट देखने को मिली है। इस करेक्शन के बाद स्टॉक FY27E और FY28E के अनुमानित EBITDA पर क्रमशः 8.8x और 7.2x EV/EBITDA मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है, जिसे ब्रोकरेज आकर्षक वैल्यूएशन मानता है। कंपनी भारत की सबसे बड़ी स्टेनलेस स्टील उत्पादक है और आगामी वर्षों में क्षमता विस्तार के माध्यम से अपने बाजार नेतृत्व को और मजबूत करने की स्थिति में है।
क्षमता विस्तार से मिलेगा अगले विकास चरण को बलकंपनी ने इंडोनेशिया में 1.2 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) क्षमता वाले मेल्ट शॉप के कमीशनिंग के साथ अपनी कुल मेल्टिंग क्षमता को 4.2 MTPA तक पहुंचा दिया है। जिंदल स्टेनलेस के संयुक्त उद्यम साझेदार Tsingshan के साथ 100% ऑफटेक समझौता है, जिससे उत्पादन और कच्चे माल की उपलब्धता को लेकर बेहतर सुरक्षा प्राप्त होती है। इसके अलावा, जाजपुर में HRAP और CRAP लाइन विस्तार, हिसार और खड़गपुर में अतिरिक्त कोल्ड रोलिंग निवेश तथा महाराष्ट्र में प्रस्तावित नई स्टेनलेस स्टील परियोजना भविष्य की वृद्धि के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही है। प्रबंधन ने FY29 तक बिक्री मात्रा को 3.5 मिलियन टन तक पहुंचाने का लक्ष्य दोहराया है, जो FY26-FY29 अवधि में लगभग 11% CAGR वॉल्यूम वृद्धि को दर्शाता है।
भारत में स्टेनलेस स्टील की मांग के संरचनात्मक चालकदेश में बुनियादी ढांचा विकास और औद्योगिक विस्तार जिंदल स्टेनलेस के लिए दीर्घकालिक अवसर पैदा कर रहे हैं। रेलवे, मेट्रो रेल, तटीय अवसंरचना, पुल, एयरपोर्ट, लिफ्ट एवं एलीवेटर, पाइप एवं ट्यूब तथा प्रोसेस इंडस्ट्रीज जैसे क्षेत्रों में स्टेनलेस स्टील का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। विशेष रूप से रेलवे में आधुनिक एसी कोचों के उपयोग, मेट्रो नेटवर्क विस्तार और भारत में निर्मित मेट्रो कोचों के निर्यात से मांग में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। कंपनी का अनुमान है कि अगले तीन से चार वर्षों में मेट्रो क्षेत्र से स्टेनलेस स्टील की मांग 2-3 गुना तक बढ़ सकती है।
चीनी कीमतों की तुलना में भारतीय बाजार में छूटवर्तमान में घरेलू स्टेनलेस स्टील कीमतें चीनी कीमतों की तुलना में लगभग 8-9% डिस्काउंट पर कारोबार कर रही हैं। PL Capital के अनुसार यह स्थिति लंबे समय तक टिकाऊ नहीं है। मजबूत घरेलू मांग के बावजूद आयात दबाव और अस्थायी बाजार व्यवधानों के कारण कीमतों में यह अंतर बना हुआ है। ब्रोकरेज का मानना है कि जैसे-जैसे बाजार सामान्य होगा, घरेलू कीमतों में सुधार की पर्याप्त संभावना है, जिससे कंपनी की आय और मार्जिन को समर्थन मिलेगा।
ईंधन लागत से जुड़ी चुनौतियाँ धीरे-धीरे कम हो रहींमध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव के कारण LPG, प्रोपेन, प्राकृतिक गैस और अमोनिया की कीमतों में तेज वृद्धि ने कंपनी की लागत संरचना पर दबाव डाला था। हालांकि प्रबंधन का कहना है कि मई से ईंधन उपलब्धता में सुधार आया है और आपूर्ति अब बड़ी बाधा नहीं रहेगी। कंपनी प्राकृतिक गैस उपयोग बढ़ाने, कोल गैसीफिकेशन, सिंथेटिक गैस तथा ग्रीन हाइड्रोजन जैसी वैकल्पिक ऊर्जा पहलों पर भी काम कर रही है। ये कदम भविष्य में लागत जोखिम को कम करने में सहायक हो सकते हैं।
वॉल्यूम और EBITDA में मजबूत वृद्धि का अनुमानब्रोकरेज FY26-FY28 के दौरान EBITDA में लगभग 13% CAGR वृद्धि की उम्मीद कर रहा है। कंपनी के परिचालन प्रदर्शन को देखते हुए अगले दो वर्षों में वॉल्यूम, रियलाइजेशन और लाभप्रदता तीनों में सुधार की संभावना है।
मार्जिन पर फोकस, केवल वॉल्यूम वृद्धि नहींप्रबंधन की रणनीति बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के बजाय EBITDA अधिकतम करने पर केंद्रित है। कंपनी वैल्यू-एडेड उत्पादों, बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और विशेष ग्रेड स्टेनलेस स्टील पर फोकस कर रही है। इससे नई क्षमता जुड़ने के बावजूद मार्जिन पर दबाव सीमित रहने की संभावना है। 400-सीरीज और अन्य विशेष स्टेनलेस स्टील ग्रेड्स में बढ़ती हिस्सेदारी भविष्य में लाभप्रदता को और मजबूत कर सकती है।
निवेशकों के लिए प्रमुख स्तर और दृष्टिकोणरेटिंग: BUY
वर्तमान बाजार मूल्य (CMP): Rs 662
लक्ष्य मूल्य (Target Price): Rs 821
संभावित अपसाइड: लगभग 24%
PL Capital का निष्कर्ष है कि जिंदल स्टेनलेस निकट अवधि की चुनौतियों के बावजूद दीर्घकालिक विकास की मजबूत स्थिति में है। इंडोनेशिया परियोजना, डाउनस्ट्रीम विस्तार, भारत में स्टेनलेस स्टील की बढ़ती खपत और आकर्षक वैल्यूएशन इसे मेटल सेक्टर के सबसे दिलचस्प निवेश अवसरों में से एक बनाते हैं। यदि घरेलू कीमतों में सुधार और क्षमता उपयोग में वृद्धि अपेक्षित दिशा में होती है, तो कंपनी अगले कुछ वर्षों में मजबूत आय वृद्धि दर्ज कर सकती है।
प्रभुदास लीलाधर की Cera Sanitaryware पर ‘BUY’ रेटिंग, Share Price Target Rs 7,429
प्रभुदास लीलाधर (PL Capital) ने Cera Sanitaryware पर ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखते हुए Rs 7,429 का लक्ष्य मूल्य दिया है। वर्तमान बाजार मूल्य Rs 5,870 के मुकाबले यह उल्लेखनीय अपसाइड संभावनाओं को दर्शाता है। रिपोर्ट के अनुसार कंपनी रिटेल मांग में सुधार, सफल प्राइस हाइक, प्रीमियम उत्पादों की बढ़ती हिस्सेदारी और वितरण नेटवर्क विस्तार के दम पर FY27 और FY28 में मजबूत वृद्धि दर्ज करने की स्थिति में है। प्रबंधन का मानना है कि सैनिटरीवेयर और फॉसेटवेयर दोनों श्रेणियों में मांग का माहौल बेहतर हो रहा है, जबकि मोरबी क्लस्टर की चुनौतियां Cera को अतिरिक्त मार्केट शेयर हासिल करने का अवसर प्रदान कर रही हैं।
PL Capital को क्यों दिख रहा है Cera Sanitaryware में मजबूत निवेश अवसर?रिटेल मांग की वापसी कंपनी के लिए सबसे बड़ा सकारात्मक संकेत बनकर उभरी है। प्रबंधन के अनुसार FY24 और FY25 के दौरान सुस्त रहने वाली रिटेल डिमांड में FY26 की तीसरी और चौथी तिमाही से उल्लेखनीय सुधार दिखाई दिया है। यह गति FY27 की पहली तिमाही में भी जारी रही है। प्रोजेक्ट सेगमेंट पहले से ही अच्छा प्रदर्शन कर रहा था, लेकिन अब रिटेल चैनल की वापसी कंपनी के विकास को और संतुलित बना रही है।
FY27 के लिए आक्रामक ग्रोथ रोडमैपकंपनी ने FY27 में 18-20% राजस्व वृद्धि का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस वृद्धि का आधार निम्नलिखित रहेगा: सैनिटरीवेयर व्यवसाय में लगभग 12% वृद्धि फॉसेटवेयर सेगमेंट में लगभग 18% वृद्धि प्रीमियम ब्रांड Senator और Polypluz का योगदान टाइल्स व्यवसाय से लगभग Rs 250 करोड़ का राजस्व प्रबंधन का अनुमान है कि सैनिटरीवेयर में 6-7% वॉल्यूम ग्रोथ और 5-6% प्राइस ग्रोथ देखने को मिलेगी, जबकि फॉसेटवेयर में 10-11% वॉल्यूम ग्रोथ तथा लगभग 8% कीमत आधारित वृद्धि होगी।
मोरबी संकट से Cera को मिल रहा प्रतिस्पर्धात्मक लाभगुजरात के मोरबी क्लस्टर में जारी परिचालन चुनौतियां Cera के लिए अवसर में बदल रही हैं। गैस लागत में वृद्धि, श्रमिकों की कमी और इंफ्रास्ट्रक्चर बाधाओं के कारण कई निर्माता उत्पादन दबाव का सामना कर रहे हैं। इसके विपरीत Cera ने पहले से पर्याप्त इन्वेंट्री तैयार कर रखी है और अपनी उत्पादन क्षमता भी मजबूत की है। प्रबंधन का मानना है कि ये चुनौतियां FY27 की दूसरी तिमाही तक बनी रह सकती हैं, जिससे कंपनी को अतिरिक्त मार्केट शेयर हासिल करने में मदद मिलेगी।
प्राइस हाइक पूरी तरह बाजार में समाहितकंपनी की हालिया मूल्य वृद्धि को ग्राहकों ने स्वीकार कर लिया है। Cera ने सैनिटरीवेयर में लगभग 12% और फॉसेटवेयर में लगभग 16% की संचयी मूल्य वृद्धि लागू की है। प्रबंधन का कहना है कि बाजार ने इन बढ़ोतरी को पूरी तरह आत्मसात कर लिया है। ब्रास की कीमतों और श्रम लागत में बढ़ोतरी के बावजूद कंपनी ने सफलतापूर्वक लागत दबाव को ग्राहकों तक स्थानांतरित किया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि भविष्य में कच्चे माल की कीमतें घटती भी हैं, तब भी कंपनी को बड़े पैमाने पर कीमत घटाने की आवश्यकता नहीं दिखती।
प्रीमियम ब्रांड रणनीति से बढ़ेगा मार्जिनSenator और Polypluz कंपनी की अगली विकास कहानी बन सकते हैं। Senator ब्रांड के 40 फ्लैगशिप स्टोर पहले से संचालित हैं और FY27 में इनकी संख्या 50-60 तक पहुंचाने की योजना है। दूसरी ओर Polypluz ने 102 वितरकों और लगभग 1,000 डीलरों का नेटवर्क तैयार कर लिया है। FY27 में: Polypluz से लगभग Rs 30 करोड़ राजस्व Senator से लगभग Rs 40 करोड़ राजस्व का अनुमान लगाया गया है। दोनों व्यवसाय उच्च मार्जिन और बेहतर कार्यशील पूंजी प्रोफाइल के कारण कंपनी की लाभप्रदता को मजबूत कर सकते हैं।
क्षमता विस्तार और पूंजी आवंटन योजनाकंपनी दीर्घकालिक विकास के लिए क्षमता विस्तार पर निवेश कर रही है। Cera सैनिटरीवेयर क्षमता विस्तार के पहले चरण में लगभग Rs 120 करोड़ निवेश करने की योजना बना रही है। भूमि अधिग्रहण पर पहले ही लगभग Rs 30 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। फॉसेटवेयर क्षमता 0.30 मिलियन यूनिट प्रति माह से बढ़कर 0.43 मिलियन यूनिट प्रति माह हो चुकी है। सीमित अतिरिक्त निवेश के साथ इसे 0.60 मिलियन यूनिट प्रति माह तक बढ़ाया जा सकता है।
मार्जिन आउटलुक मजबूत बना हुआप्रबंधन ने FY27 के लिए 13.5%-14% EBITDA मार्जिन का मार्गदर्शन दोहराया है। हालांकि वेतन लागत और ब्रांड निवेश बढ़ रहे हैं, लेकिन निम्नलिखित कारक मार्जिन को सहारा देंगे: पहले से लागू प्राइस हाइक उत्पादन दक्षता में सुधार रिजेक्शन रेट में कमी बेहतर ऑपरेटिंग लीवरेज Senator और Polypluz का ब्रेकईवन की ओर बढ़ना मध्यम अवधि में 50-100 बेसिस पॉइंट मार्जिन विस्तार की संभावना भी जताई गई है।
निवेशकों के लिए प्रमुख स्तररेटिंग: BUY वर्तमान मूल्य (CMP): Rs 5,870 लक्ष्य मूल्य (Target Price): Rs 7,429 संभावित अपसाइड: लगभग 26%+ PL Capital का मानना है कि रिटेल रिकवरी, सफल प्राइस हाइक, प्रीमियम उत्पादों की बढ़ती हिस्सेदारी, मोरबी संकट से मिलने वाला मार्केट शेयर लाभ और वितरण विस्तार Cera Sanitaryware को अगले दो वर्षों में उद्योग से बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम बनाएंगे। मजबूत बैलेंस शीट, न्यूनतम ऋण और बढ़ती नकदी सृजन क्षमता इस निवेश थीसिस को और मजबूत बनाती है।