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प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना में 90,800 से अधिक इंटर्नशिप अवसर उपलब्ध

प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के तहत 90,800 से अधिक इंटर्नशिप के अवसर 193 कंपनियों द्वारा आवेदन शुरू होने से पहले ही प्रदान किए गए हैं। पंजीकरण 12 अक्टूबर से शुरू होने वाला है, और प्रमुख कंपनियों जैसे रिलायंस इंडस्ट्रीज, मारुति सुजुकी और लार्सन एंड टुब्रो ने पहले ही इंटर्नशिप के अवसर पोर्टल पर पोस्ट कर दिए हैं। यह योजना, जो 800 करोड़ रुपये के पायलट प्रोजेक्ट का हिस्सा है, मार्च 2025 तक 1.25 लाख इंटर्नशिप प्रदान करने का लक्ष्य रखती है। यह कार्यक्रम 24 क्षेत्रों और 737 जिलों में फैला हुआ है और 21-24 आयु वर्ग के युवाओं को मूल्यवान कार्य अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ वित्तीय सहायता भी प्रदान करता है।

पोर्टल पर 90,800 से अधिक इंटर्नशिप अवसर उपलब्ध

12 अक्टूबर से पंजीकरण शुरू होने से पहले 193 कंपनियों द्वारा 90,800 से अधिक इंटर्नशिप अवसर पोर्टल पर पोस्ट किए जा चुके हैं। कॉरपोरेट अफेयर्स मंत्रालय द्वारा विकसित प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना में प्रमुख कंपनियों ने भाग लिया है, जिनमें जुबिलेंट फूडवर्क्स, मारुति सुजुकी इंडिया, आइशर मोटर्स, लार्सन एंड टुब्रो, मुथूट फाइनेंस और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल हैं।

विभिन्न उद्योगों में इंटर्नशिप अवसर

इंटर्नशिप के अवसर 24 क्षेत्रों में फैले हुए हैं, जो संभावित उम्मीदवारों के लिए विभिन्न विकल्प प्रदान करते हैं। तेल, गैस और ऊर्जा क्षेत्र में सबसे अधिक अवसर हैं, उसके बाद यात्रा और आतिथ्य, ऑटोमोटिव, और बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं में भी कई अवसर उपलब्ध हैं। विभिन्न क्षेत्रों में अवसरों की यह विविधता इंटर्नशिप योजना की व्यापक पहुंच को दर्शाती है।

737 जिलों में इंटर्नशिप के अवसर

इंटर्नशिप के अवसर 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 737 जिलों में फैले हुए हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि पूरे देश में उम्मीदवारों को मूल्यवान अनुभव प्राप्त हो। यह योजना शहर और ग्रामीण क्षेत्रों दोनों में इंटर्नशिप अवसर प्रदान करती है, जिससे पेशेवर विकास के लिए एक समतामूलक मंच तैयार होता है।

प्रमुख क्षेत्रों और कार्यक्षेत्रों में इंटर्नशिप

इंटर्नशिप 20 से अधिक विशिष्ट कार्यक्षेत्रों में उपलब्ध हैं, जिनमें संचालन प्रबंधन, उत्पादन और निर्माण, मेंटेनेंस, और बिक्री एवं विपणन शामिल हैं। विभिन्न कार्यक्षेत्रों की यह विविधता यह सुनिश्चित करती है कि उम्मीदवार अपने करियर के लक्ष्यों के अनुसार इंटर्नशिप पा सकते हैं, जिससे योजना उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुकूल बनती है।

वित्तीय सहायता: इंटर्न के लिए मासिक स्टाइपेंड

इंटर्न को 12 महीने के लिए प्रति माह 5,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त होगी और प्रारंभिक खर्चों को कवर करने के लिए एक बार 6,000 रुपये की अनुदान राशि दी जाएगी। यह वित्तीय संरचना युवाओं को व्यावहारिक कार्य अनुभव प्रदान करने के लिए है, जिससे उन्हें आर्थिक चिंताओं से मुक्त होकर सीखने का अवसर मिले। सरकार का यह कदम रोजगार योग्य युवाओं को प्रोत्साहित करने की अपनी व्यापक नीति का हिस्सा है।

पायलट परियोजना में 1.25 लाख उम्मीदवारों को फायदा

प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना का पायलट चरण 800 करोड़ रुपये की लागत से चालू वित्त वर्ष के अंत तक 1.25 लाख उम्मीदवारों को कवर करेगा। इंटर्नशिप 2 दिसंबर से शुरू होने की उम्मीद है, जिससे युवा पेशेवरों को तुरंत अपने चुने हुए क्षेत्रों में कार्य अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

दीर्घकालिक लक्ष्य: 1 करोड़ युवा पेशेवरों को सशक्त बनाना

सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ उम्मीदवारों को इंटर्नशिप प्रदान करना है। 2024 के केंद्रीय बजट में घोषित इस योजना का उद्देश्य 21-24 आयु वर्ग के व्यक्तियों के लिए कौशल विकास और रोजगार क्षमता को बढ़ाना है। संरचित कार्य अनुभव प्रदान करके, सरकार शिक्षा और उद्योग की आवश्यकताओं के बीच की खाई को पाटना चाहती है।

ऑनलाइन पोर्टल: योजना की रीढ़

योजना को पोर्टल के माध्यम से लागू किया जाएगा, जिसे कॉरपोरेट अफेयर्स मंत्रालय ने विकसित किया है। यह पोर्टल कंपनियों के लिए अवसर पोस्ट करने और उम्मीदवारों के लिए आवेदन करने का केंद्रीय मंच है, जो प्रक्रिया को सरल और कुशल बनाएगा। यह डिजिटल-प्रथम दृष्टिकोण रोजगार पहलों को आधुनिक बनाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

निष्कर्ष: भारत के युवाओं के लिए एक संभावनाशील अवसर

प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना युवाओं के लिए एक परिवर्तनकारी पहल बनने के लिए तैयार है। कॉर्पोरेट क्षेत्र से बड़े पैमाने पर समर्थन और एक स्पष्ट वित्तीय संरचना के साथ, यह कार्यक्रम पहले चरण में ही हजारों इंटर्न को मूल्यवान कार्य अनुभव प्रदान करेगा। जैसे-जैसे योजना का विस्तार होगा, यह भारत के कार्यबल में कौशल विकास को बढ़ावा देने और एक पीढ़ी को दीर्घकालिक सफलता के लिए सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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भारतीय ऑटो उद्योग को त्योहारों के मौसम से मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद

भारतीय ऑटो उद्योग वर्तमान में चल रहे त्योहारों के मौसम से आशावान है, यह उम्मीद करते हुए कि इससे उपभोक्ता भावना को बल मिलेगा और धीमी हो रही मांग को फिर से पटरी पर लाया जा सकेगा। आम तौर पर त्योहारों की शुरुआत ओणम से होती है और यह दीवाली तक जारी रहती है। उद्योग के प्रमुख खिलाड़ियों का मानना है कि सितंबर में बुकिंग गति ने अक्टूबर के लिए अच्छी संभावनाएं पैदा की हैं, और वे 5-10% बिक्री वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं। इस दौरान विभिन्न ऑटो निर्माता, जैसे किआ इंडिया, निसान मोटर, टोयोटा, मारुति सुजुकी और टाटा मोटर्स, अपनी-अपनी रणनीतियों के तहत प्रदर्शन सुधारने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

बिक्री की मंदी के बाद सुधार की उम्मीद

किआ इंडिया (KIA Motors India) के बिक्री और विपणन प्रमुख, हरदीप सिंह ब्रार ने बताया कि पिछले 3-4 महीने ऑटो उद्योग के लिए चुनौतीपूर्ण रहे हैं, क्योंकि बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, वे कहते हैं कि सितंबर में बुकिंग का अच्छा रुझान रहा और यह अक्टूबर में बिक्री सुधार का संकेत है। वे अनुमान लगाते हैं कि इस साल त्योहारों के मौसम में 5-10% की वृद्धि हो सकती है।

उद्योग के लिए तीसरी तिमाही निर्णायक

निसान मोटर इंडिया के प्रबंध निदेशक, सौरभ वत्सा का मानना है कि पिछले कुछ महीनों में कठिनाइयों के बावजूद, ऑटो उद्योग को उम्मीद है कि यह त्योहारों का मौसम सकारात्मक प्रभाव डालेगा। उनका कहना है कि तीसरी तिमाही की प्रदर्शन क्षमता ही यह तय करेगी कि शेष वर्ष में क्या होगा।

टोयोटा की उत्पादन क्षमता में वृद्धि

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के उपाध्यक्ष, सबरी मनोहर ने बताया कि कंपनी को ग्राहकों से बढ़ी हुई पूछताछ और फुटफॉल्स देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि उत्पादन की रणनीतिक योजनाओं के तहत तीसरे शिफ्ट को जोड़ा गया है, जिससे कंपनी को आपूर्ति श्रृंखला को बेहतर करने में मदद मिली है, खासकर Urban Cruiser HyRyder जैसे उच्च मांग वाले मॉडलों के लिए।

इको-फ्रेंडली तकनीकों की ओर रुझान

मनोहर ने यह भी बताया कि न केवल शहरी क्षेत्रों में बल्कि टियर II और टियर III बाजारों में भी इको-फ्रेंडली तकनीकों की मांग बढ़ रही है। इस बदलाव से भविष्य में ऑटो उद्योग के लिए नए अवसर खुल सकते हैं।

मारुति सुजुकी की सीमित संस्करण मॉडल रणनीति

मारुति सुजुकी इंडिया के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी, पार्थो बनर्जी ने कहा कि त्योहारों के दौरान कंपनी ने सीमित संस्करण मॉडल लॉन्च करके बिक्री बढ़ाने की योजना बनाई है। उन्होंने बताया कि गणेश चतुर्थी और जन्माष्टमी के दौरान कंपनी ने बिक्री में अच्छा प्रदर्शन किया है।

टाटा मोटर्स की ग्राहकों पर केंद्रित रणनीति

टाटा मोटर्स के यात्री वाहनों के प्रबंध निदेशक, शैलेश चंद्रा ने कहा कि सितंबर के अंत में पंजीकरण की गति में तेजी आई, जिससे आगामी त्योहारों के लिए सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। उनका कहना है कि कंपनी का ध्यान ग्राहकों की प्राथमिकताओं को बनाए रखते हुए डीलर नेटवर्क की सेहत पर भी है।

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CG पावर का Renesas इलेक्ट्रॉनिक्स के RF बिज़नेस का अधिग्रहण

CG पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस, जो मुरुगप्पा ग्रुप का एक प्रमुख हिस्सा है, ने जापान की Renesas इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन के रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) कंपोनेंट्स व्यवसाय को $36 मिलियन में खरीदने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह अधिग्रहण, जो 4 अक्टूबर 2024 को घोषित किया गया था, CG पावर के लिए सेमीकंडक्टर डिज़ाइन व्यवसाय में रणनीतिक प्रवेश को चिह्नित करता है। यह डील मुख्य संपत्तियों, बौद्धिक संपदा और विशेष कर्मचारियों की एक टीम को शामिल करती है। नियामक अनुमोदनों के आधार पर, इस अधिग्रहण को छह महीनों के भीतर पूरा होने की उम्मीद है। यह अधिग्रहण भारत के वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में बढ़ते प्रभाव को और सशक्त बनाता है, जो तेजी से बढ़ने वाला और उच्च लाभप्रदता वाला क्षेत्र माना जाता है।

Renesas RF व्यवसाय का रणनीतिक अधिग्रहण

CG पावर ने $36 मिलियन में Renesas RF व्यवसाय का अधिग्रहण किया: मुरुगप्पा ग्रुप के CG पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस ने Renesas इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन के रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) कंपोनेंट्स व्यवसाय को खरीदने के लिए एक संपत्ति खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस लेनदेन के लिए नकद मूल्य $36 मिलियन है। इस अधिग्रहण से CG पावर को प्रमुख बौद्धिक संपदा और भौतिक संपत्तियां प्राप्त होती हैं, जो इसे सेमीकंडक्टर उद्योग में रणनीतिक रूप से स्थानित करती हैं।

संपत्ति खरीद समझौता अंतिम

RF कंपोनेंट्स में प्रमुख संपत्तियों का अधिग्रहण: यह समझौता CG पावर और Renesas इलेक्ट्रॉनिक्स अमेरिका इंक के बीच किया गया है, जिसमें बौद्धिक संपदा, भौतिक संपत्तियां और कुछ कर्मचारियों का स्थानांतरण शामिल है। ये कर्मचारी सेमीकंडक्टर डिज़ाइन, विपणन और अनुप्रयोगों में विशेषज्ञता रखते हैं, जो CG पावर को सेमीकंडक्टर डोमेन में अपनी क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करेगा।

सेमीकंडक्टर डिज़ाइन व्यवसाय में प्रवेश

सेमीकंडक्टर संचालन के लिए नई सहायक कंपनी: CG पावर ने CG Semi Private Limited नामक एक सहायक कंपनी की स्थापना की है, जो आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट (OSAT) व्यवसाय पर केंद्रित है। यह सहायक कंपनी अधिग्रहण के बाद सेमीकंडक्टर संचालन का प्रबंधन करेगी, जिससे CG पावर को उच्च-विकास सेमीकंडक्टर डिज़ाइन क्षेत्र में रणनीतिक रूप से प्रवेश मिलेगा।

भारत की सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बढ़ती स्थिति

सेमीकंडक्टर उद्योग में भारत की स्थिति को सशक्त बनाना: CG पावर के चेयरमैन वेल्लायन सुब्बैया ने इस अधिग्रहण की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि दुनिया भर में एक बड़ा हिस्सा भारतीय मूल के सेमीकंडक्टर डिज़ाइनरों का है। यह सौदा भारत की सेमीकंडक्टर डिज़ाइन और विकास क्षेत्र में बढ़ती स्थिति को और सशक्त बनाएगा, जो उच्च लाभप्रदता और विकास क्षमता वाला क्षेत्र माना जाता है।

Renesas का ध्यान मुख्य क्षेत्रों पर केंद्रित

Renesas मुख्य एनालॉग और कनेक्टिविटी व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित करेगा: Renesas के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट डेविन ली के अनुसार, यह अधिग्रहण Renesas को अपने मुख्य एनालॉग और कनेक्टिविटी खंडों पर ध्यान केंद्रित करने की अनुमति देगा। यह सौदा RF टीम के लिए CG पावर के तहत वृद्धि का अवसर प्रदान करता है, जिसमें ग्राहक समर्थन को निरंतर बनाए रखने के लिए एक सहज संक्रमण होगा।

मुरुगप्पा समूह का वैश्विक प्रभाव

विविध क्षेत्रों में 124 साल पुराना समूह: मुरुगप्पा समूह, जिसकी वार्षिक आय ₹77,881 करोड़ है, एक 124 साल पुराना समूह है जो कृषि, इंजीनियरिंग और वित्तीय सेवाओं जैसे कई क्षेत्रों में सक्रिय है। यह समूह नौ सूचीबद्ध कंपनियों का संचालन करता है, जिनमें CG पावर, चोलामंडलम फाइनेंशियल होल्डिंग्स, और कार्बोरंडम यूनिवर्सल शामिल हैं, जो इसके विविध पोर्टफोलियो और मजबूत बाजार उपस्थिति में योगदान करती हैं।

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भारत शेयर बाजार

रियल एस्टेट कंपनी M3M के ऋण में 65% कमी; 3,911 करोड़ रुपये की बिक्री

गुरुग्राम आधारित रियल एस्टेट कंपनी M3M समूह ने अप्रैल 2023 से अगस्त 2024 के बीच अपने ऋण में 65% की महत्वपूर्ण कमी की है, जिससे यह घटकर 1,302 करोड़ रुपये रह गया। कंपनी ने वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने के लिए आंतरिक नकदी प्रवाह, परियोजनाओं की सफल डिलीवरी, कुशल लागत प्रबंधन, और मजबूत बिक्री गति पर जोर दिया है। इस ऋण कमी से कंपनी की वित्तीय प्रोफाइल में सुधार हुआ है। इसके अतिरिक्त, M3M समूह ने शीर्ष वित्तीय संस्थानों के साथ अपने कर्ज़ को निपटाने की पहल की है, जिससे इसे आगे और विस्तार करने में मदद मिलेगी।

ऋण में 65% कमी

ऋण में 65% की कमी: M3M समूह ने अप्रैल 2023 से अगस्त 2024 के बीच अपने कुल ऋण में 65% की भारी कमी की है, जिससे यह ऋण 1,302 करोड़ रुपये पर आ गया है। कंपनी ने 3,726 करोड़ रुपये का ऋण मार्च 2023 तक लिया हुआ था, जिसे घटाकर इस स्तर तक लाया गया है।

प्रमुख वित्तीय संस्थानों को भुगतान

प्रमुख ऋणदाताओं को भुगतान: M3M समूह ने अपने प्रमुख ऋणदाताओं, जिनमें ICICI बैंक, इंडसइंड बैंक, L&T फाइनेंस, पंजाब नेशनल बैंक, और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे संस्थान शामिल हैं, को 2,400 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। इससे समूह की वित्तीय साख में सुधार हुआ है और भविष्य में यह और मजबूत हो सकता है।

सफल परियोजना डिलीवरी से नकदी प्रवाह बेहतर

बेहतर आंतरिक नकदी प्रवाह: M3M समूह ने अपने ऋण को कम करने में आंतरिक नकदी प्रवाह को एक प्रमुख कारक बताया है। सफल परियोजनाओं की डिलीवरी, कुशल लागत प्रबंधन और उच्च बिक्री गति ने कंपनी को पर्याप्त नकदी सृजित करने में मदद की है, जिससे उसे अपने ऋण का बड़ा हिस्सा चुकाने का अवसर मिला।

मजबूत बिक्री प्रदर्शन

मजबूत बिक्री आंकड़े: अप्रैल-जून 2024 की अवधि में कंपनी ने 3,911 करोड़ रुपये की बिक्री की है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 37% अधिक है। इस बिक्री वृद्धि ने कंपनी को अपने कर्ज का एक बड़ा हिस्सा चुकाने में सहायता प्रदान की है।

परियोजनाओं का विस्तृत पोर्टफोलियो

56 परियोजनाओं का पोर्टफोलियो: M3M इंडिया वर्तमान में 56 परियोजनाओं का संचालन कर रहा है, जिसमें खुदरा, आवासीय, ऑफिस, सेवा अपार्टमेंट आदि शामिल हैं। इस व्यापक पोर्टफोलियो के माध्यम से कंपनी अपनी वित्तीय स्थिति को और सशक्त बना रही है, जिससे उसे भविष्य में अधिक निवेश और विकास के अवसर मिल सकते हैं।

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टैकनोलजी भारत

Payoneer की भारतीय आईटी कंपनी Tech Mahindra के crowdsourcing प्लेटफ़ॉर्म Populii के साथ साझेदारी

Payoneer ने भारतीय आईटी कंपनी Tech Mahindra के crowdsourcing प्लेटफ़ॉर्म Populii के साथ साझेदारी की है, ताकि भुगतान क्षमताओं को अनुकूलित किया जा सके। यह साझेदारी अंतर्राष्ट्रीय गिग कामगारों को उनकी सेवाओं के लिए आसान और तेज़ भुगतान प्राप्त करने में मदद करेगी। Payoneer की क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट तकनीक Populii के उपयोगकर्ताओं को बहु-मुद्रा विकल्पों के साथ भुगतान ट्रैक करने की सुविधा प्रदान करती है। एक Nasscom रिपोर्ट के अनुसार, भारत में गिग वर्कफोर्स तेजी से बढ़ रही है और 2030 तक यह 23.5 मिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। यह सहयोग अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को सरल बनाने के लिए एक बड़ा कदम है।

Payoneer और Tech Mahindra के बीच सहयोग

Fintech दिग्गज Payoneer और Tech Mahindra ने एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
Payoneer ने Tech Mahindra के crowdsourcing प्लेटफ़ॉर्म Populii के साथ अपने क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट सिस्टम को एकीकृत किया है। यह साझेदारी gig workers को आसान और समय पर भुगतान प्राप्त करने में सहायता करेगी, जिससे उनके लिए अंतर्राष्ट्रीय भुगतान और भी सुलभ हो जाएंगे।

Populii उपयोगकर्ताओं के लिए बेहतर भुगतान अनुभव

Gig workers को भुगतान ट्रैक करने और समय पर प्राप्त करने की सुविधा।
Payoneer की नई प्रणाली Populii के उपयोगकर्ताओं को उनके कार्य समाप्ति के बाद सुरक्षित और तेज़ अंतर्राष्ट्रीय भुगतान प्रदान करेगी। इसके साथ ही, वे कई मुद्राओं में भुगतान कर सकेंगे, जिससे उनका समग्र अनुभव बेहतर होगा।

Tech Mahindra की व्यावसायिक प्रक्रिया सेवाओं के अध्यक्ष का वक्तव्य

Payoneer की तकनीक से भुगतान प्रक्रिया में बदलाव।
Tech Mahindra के बिज़नेस प्रोसेस सर्विसेज़ के अध्यक्ष, बिरेन्द्र सेन ने कहा कि Payoneer के भुगतान सिस्टम की सहायता से Populii समुदाय को एक तयशुदा समय पर भुगतान किया जाएगा, जिससे अंतर्राष्ट्रीय लेन-देन में विश्वसनीयता और गति बढ़ेगी।

Populii: एक अग्रणी crowdsourcing प्लेटफ़ॉर्म

गिग कामगारों के लिए अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाओं में सहयोग का मंच।
Populii एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म है जो gig workers को शीर्ष कंपनियों के साथ ऑनलाइन परियोजनाओं के माध्यम से जोड़ता है। ये परियोजनाएं मानव-इन-द-लूप सेवाओं की मांग करती हैं, जिससे गिग कामगारों को घर बैठे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काम करने का मौका मिलता है।

गिग अर्थव्यवस्था का उज्ज्वल भविष्य

भारत की gig वर्कफोर्स का तेज़ी से विस्तार।
Payoneer के भारत के उपाध्यक्ष, गौरव शिसोदिया ने Nasscom की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि भारत की gig वर्कफोर्स 2030 तक 23.5 मिलियन तक पहुंचने की संभावना है। यह विकास अंतर्राष्ट्रीय कामगारों के लिए बड़े अवसर उत्पन्न करेगा।

Payoneer की बहु-मुद्रा प्लेटफ़ॉर्म

वैश्विक स्तर पर 11 से अधिक प्रमुख मुद्राओं का समर्थन।
Payoneer का बहु-मुद्रा वित्तीय प्लेटफ़ॉर्म दुनिया भर के 190 से अधिक देशों और क्षेत्रों में काम करता है। यह प्लेटफ़ॉर्म gig workers को अलग-अलग मुद्राओं में भुगतान प्राप्त करने की सुविधा देता है, जिससे वे आसानी से अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कर सकते हैं।

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भारत शेयर बाजार

फूड डिलीवरी दिग्गज स्विगी (SWIGGY) का 5,000 करोड़ का प्राथमिक इश्यू (IPO)

फूड डिलीवरी दिग्गज स्विगी ने भारतीय बाजार में एक बड़ा आईपीओ लॉन्च करने की योजना बनाई है। कंपनी ने अपनी प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) के तहत ₹1,250 करोड़ अतिरिक्त जुटाने का प्रावधान किया है। इसके लिए शेयरधारकों से स्वीकृति प्राप्त की गई है, जिससे आईपीओ का आकार ₹3,750 करोड़ से बढ़ाकर ₹5,000 करोड़ किया जा सकेगा। स्विगी का यह कदम भारत के टेक-संचालित फूड डिलीवरी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है, जो निवेशकों के लिए एक बड़े अवसर के रूप में उभर रहा है।

IPO आकार में वृद्धि को मिली मंजूरी

IPO आकार ₹3,750 करोड़ से ₹5,000 करोड़ तक बढ़ा
3 अक्टूबर को आयोजित एक असाधारण आम बैठक (EGM) में स्विगी के शेयरधारकों ने IPO के आकार को ₹3,750 करोड़ से ₹5,000 करोड़ तक बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस अतिरिक्त ₹1,250 करोड़ के निवेश से स्विगी अपने व्यापार का विस्तार करने के लिए नई योजनाएं बना रही है। यह कदम कंपनी की विकासशील बाजार स्थिति और बढ़ते राजस्व को दर्शाता है।

ऑफर फॉर सेल (OFS) की स्थिति
हालांकि प्राथमिक इश्यू का आकार बढ़ाया गया है, OFS (ऑफर फॉर सेल) घटक लगभग ₹6,664 करोड़ पर स्थिर है। इसमें प्रमुख निवेशकों जैसे Accel India IV (Mauritius), Coatue PE Asia, और Tencent Cloud Europe के शेयर बेचे जाएंगे। इससे शुरुआती निवेशकों को अपने निवेश पर रिटर्न प्राप्त करने का मौका मिलेगा।

IPO का आकार और बाजार पर प्रभाव

IPO का संभावित आकार ₹11,664 करोड़
अतिरिक्त पूंजी जुटाने के साथ, स्विगी का IPO संभावित रूप से ₹11,664 करोड़ (लगभग $1.4 बिलियन) तक पहुंच सकता है, जो इसे हाल के सबसे बड़े IPO में से एक बनाता है। यह भारतीय स्टॉक बाजार में नई पीढ़ी की टेक कंपनियों की प्रवृत्ति का प्रतीक है, जो सार्वजनिक निवेश की ओर बढ़ रही हैं।

वित्तीय प्रदर्शन और विकास

राजस्व वृद्धि और घाटे में कमी
स्विगी का वित्तीय प्रदर्शन 2023-24 में प्रभावशाली रहा, जहां कंपनी की ऑपरेशनल आय ₹11,247 करोड़ तक बढ़ी, जो पिछले वर्ष के ₹8,265 करोड़ से 36% अधिक है। इसी अवधि में, कंपनी के घाटे में 44% की कमी आई, जो ₹4,179 करोड़ से घटकर ₹2,350 करोड़ रह गया। यह कंपनी की मजबूत खर्च प्रबंधन और परिचालन दक्षता का परिणाम है।

IPO से प्राप्त धन का उपयोग

ऋण की चुकौती और रणनीतिक निवेश
स्विगी के ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, IPO से प्राप्त धनराशि का उपयोग ऋण चुकाने और Scootsy में निवेश करने के लिए किया जाएगा। साथ ही, कंपनी अपने डार्क स्टोर नेटवर्क को बढ़ाने और अपने क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार करने की योजना बना रही है। इससे स्विगी की परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी और प्रतिस्पर्धी बाजार में उसे एक महत्वपूर्ण बढ़त मिलेगी।

10 मिनट की डिलीवरी सेवा “बोल्ट” की शुरुआत

स्विगी ने हाल ही में बोल्ट नामक 10 मिनट में भोजन और पेय डिलीवरी सेवा की शुरुआत की है। यह पहल स्विगी की क्विक कॉमर्स क्षेत्र में प्रमुख उपस्थिति स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। त्वरित डिलीवरी की इस सेवा के जरिए स्विगी उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए तेजी से बाजार में अपनी जगह मजबूत कर रहा है।

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टैकनोलजी भारत

ASUS का भारत में नोटबुक मार्केट डोमिनेशन के लिए साहसिक लक्ष्य

ताइवानी टेक कंपनी ASUS भारतीय पीसी बाजार में अपना दबदबा बनाने के लिए साहसिक कदम उठा रही है। 2017 में 6.3% से 2023 में 17.8% तक अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के बाद, अब कंपनी शीर्ष स्थान हासिल करने का लक्ष्य बना रही है। इसका महत्वाकांक्षी लक्ष्य अगले दो वर्षों में बाजार के 25-30% हिस्से पर कब्जा करना है। इस रणनीति की प्रमुख बात है आक्रामक खुदरा विस्तार, विशेष रूप से भारत के टियर-3 और टियर-4 शहरों में अपनी पहुंच बढ़ाना। इसके अलावा, ASUS भारतीय और वैश्विक बाजारों में उत्पाद लॉन्च के बीच के अंतर को कम करने की दिशा में भी काम कर रही है, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि भारत इसके लिए प्राथमिक बाजार है।

भारत में मार्केट डोमिनेशन के लिए ASUS का लक्ष्य

वर्तमान बाजार स्थिति
ASUS ने 2017 में 6.3% से 2023 में 17.8% तक अपनी बाजार हिस्सेदारी को तीन गुना बढ़ा लिया है। यह वर्तमान में भारत में दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता नोटबुक ब्रांड है और अगले दो वर्षों में 25-30% बाजार हिस्सेदारी पर कब्जा करके शीर्ष स्थान हासिल करने का लक्ष्य रख रहा है।

विकास की रणनीति
कंपनी की रणनीति आक्रामक खुदरा विस्तार पर केंद्रित है, खासकर छोटे शहरों में। ASUS का लक्ष्य टियर-3 और टियर-4 शहरों तक अपनी पहुंच बढ़ाना है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि महानगरों के बाहर भी उपभोक्ताओं को उसकी तकनीक तक आसानी से पहुंच मिले।

खुदरा विस्तार: हर कोने तक पहुंच

600 जिलों में विस्तार
ASUS वर्तमान में भारत के 400 से अधिक जिलों में मौजूद है और अगले दो वर्षों में इसे 600 जिलों तक बढ़ाने का लक्ष्य रखता है। इस विस्तार योजना में ASUS के विशेष स्टोर और चैनल डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ साझेदारी का मिश्रण शामिल होगा, जिससे देश भर में एक व्यापक खुदरा नेटवर्क स्थापित किया जा सके।

स्थानीय पहुंच पर ध्यान
ASUS ने भारत के छोटे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया है, और इसकी योजना प्रत्येक 600 जिलों में कम से कम एक विशेष स्टोर स्थापित करने की है। इसके बाद, कंपनी तालुका स्तर पर भी अपनी पहुंच बढ़ाने की योजना बना रही है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि सबसे दूरस्थ ग्राहक भी उनके नवीनतम उत्पादों तक पहुंच सकें।

रिफर्बिश्ड पीसी स्टोर्स के माध्यम से नवाचार

रिफर्बिश्ड पीसी आउटलेट्स का लॉन्च
ASUS ने नवाचार के रूप में छह चुनिंदा स्टोर्स में रिफर्बिश्ड पीसी लॉन्च किए हैं। यह रणनीति किफायती और टिकाऊ तकनीकी समाधानों के लिए बढ़ते बाजार का लाभ उठाने का हिस्सा है, जिससे कंपनी अपने ग्राहक आधार को और भी बढ़ा सके।

वैश्विक-भारत लॉन्च अंतर को कम करना

भारत को प्राथमिक बाजार के रूप में देखना
ASUS सक्रिय रूप से वैश्विक बाजार और भारत के बीच उत्पाद लॉन्च के समय अंतर को कम करने की दिशा में काम कर रही है। यह कदम इस बात पर जोर देता है कि कंपनी भारत को एक महत्वपूर्ण बाजार के रूप में मानती है और सुनिश्चित करती है कि भारतीय उपभोक्ताओं को नवीनतम उत्पाद समय पर मिलें।

गेमिंग और उपभोक्ता पीसी बाजार में नेतृत्व
ASUS, जो सबसे बड़ी गेमिंग और उपभोक्ता पीसी कंपनियों में से एक है, उत्पाद नवाचार और खुदरा रणनीति में आगे रहकर अपने ब्रांड की गति का लाभ उठा रही है। ऐसा करके कंपनी उम्मीद करती है कि वह भारत के टेक इकोसिस्टम में अपनी नेतृत्वकारी स्थिति को बनाए रखने और बढ़ाने में सक्षम होगी।

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प्रभात जयसूर्या ऐतिहासिक रिकॉर्ड के करीब

प्रभात जयसूर्या, श्रीलंका के बाएं हाथ के स्पिनर, टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज़ 100 विकेट लेने के रिकॉर्ड को तोड़ने के कगार पर हैं, जो 1896 से इंग्लैंड के जॉर्ज लोहमैन के नाम है। जयसूर्या ने हाल ही में गाले में न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन पारियों में 15 विकेट लिए, जिससे श्रीलंका श्रृंखला जीतने के करीब पहुंच गया। वर्तमान में जयसूर्या के नाम 95 टेस्ट विकेट हैं और वह इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी करने के लिए केवल पांच विकेट दूर हैं, जो उन्हें आधुनिक क्रिकेट के शीर्ष गेंदबाजों में से एक बना रहा है।

जयसूर्या का ऐतिहासिक रिकॉर्ड के करीब पहुंचना

128 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ने की दहलीज पर

प्रभात जयसूर्या 100 टेस्ट विकेट सबसे तेज़ लेने के रिकॉर्ड से केवल पांच विकेट दूर हैं। गाले में न्यूजीलैंड के खिलाफ उनके शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन ने उन्हें क्रिकेट के सबसे लंबे समय से चले आ रहे रिकॉर्ड में से एक को चुनौती देने के करीब ला दिया है।

स्पिन से न्यूजीलैंड को मात देना

गाले में अजेय

गाले के दूसरे टेस्ट में जयसूर्या का प्रभाव निर्णायक रहा। उन्होंने न्यूजीलैंड को केवल 88 रनों पर समेटने में अहम भूमिका निभाई और श्रीलंका को 514 रन की बड़ी बढ़त दिलाने में मदद की। उनकी लगातार विकेट लेने की क्षमता ने न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों के लिए कठिनाई पैदा की है और श्रीलंका की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

प्रभात जयसूर्या के प्रमुख रिकॉर्ड

टेस्ट क्रिकेट में तेजी से उभरता सितारा

जयसूर्या ने अपने टेस्ट करियर में पहले ही कई रिकॉर्ड बनाए हैं। उन्होंने डेब्यू मैच में श्रीलंका के किसी भी गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (12/177) किया और वह 50 टेस्ट विकेट सबसे तेज़ लेने वाले स्पिनर बने, यह उपलब्धि उन्होंने केवल सात मैचों में हासिल की। इसके अलावा, उन्होंने अपने पहले 10 टेस्ट मैचों में किसी भी स्पिनर से अधिक विकेट (67) लिए हैं, जो उन्हें दुनिया के सबसे सफल शुरुआती टेस्ट गेंदबाजों में से एक बनाता है।

आगे की चुनौतियाँ: कीर्तिमान पूरा करना

ऐतिहासिक क्षण का दबाव

लोहमैन के रिकॉर्ड की बराबरी करने के लिए, जयसूर्या को न्यूजीलैंड की फॉलो-ऑन पारी में बाकी सभी पांच विकेट लेने होंगे। हालांकि यह चुनौतीपूर्ण है, लेकिन जयसूर्या की फॉर्म और गाले की पिच की स्थिति उनके पक्ष में है। उनके प्रदर्शन ने दबाव के क्षणों में उनकी ताकत और कौशल को साबित किया है।

भविष्य की संभावनाएँ

टेस्ट क्रिकेट में निरंतर दबदबा

जयसूर्या का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उदय श्रीलंका के स्पिन गेंदबाजी की समृद्ध परंपरा को दर्शाता है। जैसा कि वह एक ऐतिहासिक उपलब्धि के करीब पहुंच रहे हैं, उनका भविष्य और भी उज्जवल दिख रहा है, और वह आने वाले वर्षों में श्रीलंका के गेंदबाजी आक्रमण का एक अहम हिस्सा बने रहेंगे। चाहे वह इस रिकॉर्ड को हासिल करें या नहीं, जयसूर्या पहले ही आधुनिक क्रिकेट के एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में स्थापित हो चुके हैं।

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रायन रिकेल्टन और रीज़ा हेंड्रिक्स ने दक्षिण अफ्रीका को शानदार जीत दिलाई

रायन रिकेल्टन और रीज़ा हेंड्रिक्स ने शुक्रवार को पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में दक्षिण अफ्रीका को आयरलैंड पर आठ विकेट की शानदार जीत दिलाई। रिकेल्टन ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ 75 रन बनाया, जबकि हेंड्रिक्स ने अपना 16वां टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक लगाया, जिससे दक्षिण अफ्रीका ने आयरलैंड के 171-8 के लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया। पैट्रिक क्रूगर की शानदार गेंदबाजी (4-27) ने अंतिम ओवर में आयरलैंड की गति को रोका। आयरलैंड की मजबूत शुरुआत के बावजूद, रिकेल्टन और हेंड्रिक्स की 136 रन की साझेदारी ने दक्षिण अफ्रीका के लिए लक्ष्य का पीछा करना आसान बना दिया और आयरलैंड के खिलाफ उनकी टी20 अंतरराष्ट्रीय जीत का सिलसिला जारी रखा। दोनों टीमें रविवार को दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए फिर से आमने-सामने होंगी, जिसके बाद तीन वनडे मैच खेले जाएंगे।

रिकेल्टन और हेंड्रिक्स का दबदबा

रिकेल्टन का शानदार प्रदर्शन
रायन रिकेल्टन ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 48 गेंदों में करियर के सर्वश्रेष्ठ 75 रन बनाए। उन्होंने अपने पिछले टी20 अंतरराष्ट्रीय सर्वश्रेष्ठ 27 रन को पार किया और फिओन हैंड के खिलाफ लगातार छक्के लगाकर खुद को साबित किया। रिकेल्टन ने 30 गेंदों में अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक पूरा किया, जिसमें उन्होंने आयरिश गेंदबाजों की जमकर धुनाई की, जिसमें बेन व्हाइट की गेंद पर डीप मिडविकेट के ऊपर एक बड़ा शॉट भी शामिल था।

हेंड्रिक्स का स्थिर योगदान

रीज़ा हेंड्रिक्स ने अपनी निरंतर टी20 अंतरराष्ट्रीय फॉर्म को जारी रखते हुए 31 गेंदों में अपना 16वां अर्धशतक बनाया। उन्होंने रिकेल्टन के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और लक्ष्य का पीछा करने में आक्रामक रुख अपनाया, जिसमें हैंड के खिलाफ डीप स्क्वायर लेग के ऊपर एक छक्का भी शामिल था। हालांकि, अर्धशतक पूरा करने के बाद क्रेग यंग ने उन्हें आउट कर दिया।

पैट्रिक क्रूगर की मैच-विनिंग स्पेल

क्रूगर की करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी
पैट्रिक क्रूगर के 4-27 के प्रदर्शन ने दक्षिण अफ्रीका के पक्ष में मैच को मोड़ दिया, खासकर उनके शानदार अंतिम ओवर के साथ। आयरलैंड 180 रन तक पहुंचने की ओर अग्रसर था, लेकिन क्रूगर के तीन विकेट के साथ मेडन ओवर ने उनकी उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया। यह प्रदर्शन क्रूगर के पांचवें टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में करियर का सर्वश्रेष्ठ था, जिसमें उन्होंने दबाव की स्थिति को बखूबी संभाला।

निर्णायक अंतिम ओवर

आयरलैंड की पारी 169-5 पर अच्छी चल रही थी, लेकिन क्रूगर के असाधारण अंतिम ओवर ने उन्हें किसी भी प्रकार की तेजी लाने से रोक दिया। उनकी सटीक गेंदबाजी ने न केवल रन रोके बल्कि आयरलैंड के मिडल ऑर्डर को भी तहस-नहस कर दिया, जिससे वे दक्षिण अफ्रीका के लिए चुनौतीपूर्ण लक्ष्य निर्धारित करने में नाकाम रहे।

आयरलैंड की अच्छी शुरुआत, लेकिन चूक

पावरप्ले में शानदार प्रदर्शन
आयरलैंड ने अपनी पारी की शुरुआत जोरदार ढंग से की, रॉस अडैर ने लिज़ाड विलियम्स के पहले ओवर में 16 रन बटोरकर आक्रामक रुख अपनाया। कर्टिस कैंफर और हैरी टेक्टर ने पावरप्ले के दौरान इस रफ्तार को बनाए रखा, जिससे एक प्रतिस्पर्धी स्कोर की नींव रखी गई।

मिडल ऑर्डर की नाकामी

कैंफर के 36 गेंदों में 49 रनों की पारी ने आयरलैंड को मुकाबले में बनाए रखा, लेकिन मिडल ऑर्डर से सहयोग की कमी के कारण उनकी प्रगति बाधित हुई। 17 रन पर जीवनदान मिलने के बावजूद कैंफर इसका पूरी तरह फायदा नहीं उठा पाए और आखिरकार बाउंड्री पर कैच आउट हो गए। नील रॉक और कैंफर की 59 रन की साझेदारी महत्वपूर्ण रही, लेकिन अहम मौकों पर विकेट गिरने से आयरलैंड की लय टूट गई।

दक्षिण अफ्रीका का सधा हुआ लक्ष्य का पीछा

रिकेल्टन और हेंड्रिक्स ने दी ठोस शुरुआत
रिकेल्टन और हेंड्रिक्स की 136 रन की साझेदारी ने दक्षिण अफ्रीका के लिए मैच को लगभग सुरक्षित कर दिया। उन्होंने आक्रामक स्ट्रोकप्ले और स्मार्ट रनिंग के संयोजन के साथ आवश्यक रन रेट को गेंद दर गेंद पर लाया, जिससे निचले क्रम के लिए मैच को समाप्त करना आसान हो गया।

रिकेल्टन और हेंड्रिक्स के आउट होने के बाद, मैथ्यू ब्रीट्जके और कप्तान एडेन मार्कराम ने शेष रनों को संयम से पूरा किया। उनके धैर्यपूर्ण प्रदर्शन ने किसी भी तरह के अंत समय के नाटकीय मोड़ को टालते हुए आयरलैंड के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका के बेजोड़ टी20 अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड को बरकरार रखा।

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ऑटोमोबाइल टेस्ला यूरोप

मई 2023 में नॉर्वे में बेची गई नई कारों में बीईवी की हिस्सेदारी 80% से अधिक

मई 2023 में नॉर्वे में बेची गई 80 प्रतिशत से अधिक नई कारें पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहन (बीईवी) थीं, जिसका श्रेय उपभोक्ताओं के गैस-गज़लिंग आंतरिक दहन इंजन (आईसीई) से इलेक्ट्रिक पावरट्रेन में तेजी से बदलाव को जाता है। नॉर्वे ने पूरे यूरोप में इलेक्ट्रिक वाहनों की मजबूत स्वीकृति देखी है। चीन दुनिया भर में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में अग्रणी है। नॉर्वे में उच्च स्वीकृति सरकार से समर्थन के कारण भी है।

पिछले महीने, नॉर्वे का यात्री कार बाजार साल-दर-साल लगभग 16 प्रतिशत बढ़कर 13,342 इकाई पर आ गया। प्लग-इन इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री और भी तेजी से बढ़ी, एक बड़े बाजार हिस्से पर कब्जा कर लिया। नॉर्वेजियन रोड फेडरेशन (ओएफवी) द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन महीने में कुल 11,865 नई यात्री प्लग-इन यात्री कारें पंजीकृत/बेची गईं। यह आंकड़ा पिछले वर्ष के इसी महीने से 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। जो कुल बिक्री मात्रा का लगभग 88.9 प्रतिशत है, जो पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में 85.1 प्रतिशत अधिक है।

सबसे अहम आंकड़े ऑल-इलेक्ट्रिक कार रजिस्ट्रेशन से जुड़े हैं। बीईवी की बिक्री साल-दर-साल 28 प्रतिशत बढ़कर 10,773 इकाइयों पर आ गई, जो कुल बिक्री मात्रा का 80.7 प्रतिशत है, जो कि एक साल पहले की अवधि में 73.2 प्रतिशत से भी महत्वपूर्ण है।

प्लग-इन हाइब्रिड वाहनों (पीएचईवी) की बिक्री गिरती रही। इस बार, इस उप-खंड को साल-दर-साल 21 प्रतिशत की गिरावट का सामना करना पड़ा। यह लगातार 17वीं मासिक गिरावट थी। यहां यह ध्यान देने योग्य है कि गैर-रिचार्जेबल हाइब्रिड के साथ, उत्तरी यूरोपीय देश में पिछले महीने बेची गई विद्युतीकृत कार कुल बिक्री मात्रा का 96.7 प्रतिशत दर्शाती है।

अधिक विशिष्ट होने के लिए, बीईवी की कुल 10,773 इकाइयां (28 प्रतिशत ऊपर) 80.7 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ, और 1,092 इकाइयां पीएचईवी (21 प्रतिशत नीचे) 8.2 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ। कुल बिक्री 11,865 (21 प्रतिशत तक) और 88.9 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी थी।

साल दर साल (वाईटीडी), नॉर्वे में नई यात्री प्लग-इन इलेक्ट्रिक कारों की 45,000 से अधिक इकाइयां बेची गईं। यह आंकड़ा पांच महीने की अवधि में कुल बिक्री की मात्रा का लगभग 90 प्रतिशत दर्शाता है।

अधिक सटीक रूप से, इस वर्ष के पहले पांच महीनों में देश में BEVs की 42,475 इकाइयाँ (0.1-प्रतिशत तक) और PHEVs की 3,335 इकाइयाँ बेची गईं। बाजार हिस्सेदारी के मामले में बीईवी और पीएचईवी की हिस्सेदारी क्रमश: 83.3 प्रतिशत और 6.5 प्रतिशत है। कुल 3 फीसदी की गिरावट के साथ 45,810 पर बंद हुआ।

संदर्भ के लिए, नॉर्वे में 2022 के बारह महीनों में लगभग 153,000 नई प्लग-इन इलेक्ट्रिक कारें पंजीकृत की गईं, जो कुल मात्रा का 87.8 प्रतिशत है।

2023 के मध्य तक, नॉर्वे में बिक्री के मामले में प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन इस प्रकार हैं:

टेस्ला मॉडल वाई ने मई 2023 में 2,691 नए वाहनों को पंजीकृत किया है। यह इसे 20% से अधिक की बाजार हिस्सेदारी देता है। साल के शुरुआती पांच महीनों में, इसने 12,325 इकाइयां पंजीकृत कीं, जो सभी नई कारों के 24.2% के बराबर है।

टेस्ला मॉडल वाई

दूसरे स्थान पर वोक्सवैगन ID.4 है, जिसकी मई में 738 इकाइयाँ बिकीं और जनवरी से मई 2023 तक कुल 2,712 इकाइयाँ बिकीं।

वोक्सवैगन ID.4

अंत में, बीएमडब्ल्यू iX1, एक नया मॉडल, ने मई 2023 में 594 इकाइयों की बिक्री के साथ उल्लेखनीय प्रभाव डाला है।

बीएमडब्ल्यू iX1

नॉर्वे एक अत्यधिक उन्नत अर्थव्यवस्था है और नॉर्वे में आर्थिक विकास इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलाव के लिए एक प्रमुख चालक रहा है। नार्वेजियन लोगों के पास उच्च डिस्पोजेबल आय है और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए मजबूत समर्थन है। नार्वेजियन अर्थव्यवस्था विभिन्न क्षेत्रों और उद्योगों द्वारा समर्थित है। यहां कुछ प्रमुख कारक हैं जो नार्वेजियन अर्थव्यवस्था की ताकत में योगदान करते हैं:

तेल और गैस: नॉर्वे यूरोप के सबसे बड़े तेल और गैस उत्पादकों में से एक है। पेट्रोलियम क्षेत्र कई दशकों से आर्थिक विकास और सरकारी राजस्व का एक महत्वपूर्ण चालक रहा है। देश में एक अच्छी तरह से विकसित अपतटीय उद्योग है, और तेल और गैस निर्यात से राजस्व ने नार्वेजियन कल्याणकारी राज्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

नवीकरणीय ऊर्जा: नॉर्वे का नवीकरणीय ऊर्जा, विशेष रूप से जलविद्युत पर भी विशेष ध्यान है। देश पनबिजली संयंत्रों से अपनी बिजली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा उत्पन्न करने के लिए अपने प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करता है। नॉर्वे अक्षय ऊर्जा का एक प्रमुख निर्यातक है, और इस क्षेत्र में इसकी विशेषज्ञता आर्थिक स्थिरता और पर्यावरणीय स्थिरता में योगदान करती है।

मत्स्य पालन और एक्वाकल्चर: नॉर्वे में मछली पकड़ने का एक संपन्न उद्योग है और समुद्री भोजन के दुनिया के सबसे बड़े निर्यातकों में से एक है। देश का तटीय भूगोल और समृद्ध समुद्री संसाधन मछली पालन और वाणिज्यिक मछली पकड़ने के लिए एक आदर्श वातावरण प्रदान करते हैं। मछली पकड़ने और जलीय कृषि क्षेत्र नार्वेजियन अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, रोजगार पैदा करते हैं और राजस्व निर्यात करते हैं।

विनिर्माण और प्रौद्योगिकी: नॉर्वे में एक विविध विनिर्माण क्षेत्र है जिसमें जहाज निर्माण, धातु, मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उद्योग शामिल हैं। देश अपने उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों और उन्नत प्रौद्योगिकी के लिए जाना जाता है, विशेष रूप से दूरसंचार, सूचना प्रौद्योगिकी और स्वच्छ प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में। नार्वेजियन कंपनियों की वैश्विक बाजारों में मजबूत उपस्थिति है, जो आर्थिक विकास और नवाचार का समर्थन करती है।

सेवा क्षेत्र: वित्त, दूरसंचार, खुदरा, पर्यटन और आतिथ्य सहित सेवा क्षेत्र नॉर्वे की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। देश में एक अत्यधिक कुशल कार्यबल और एक मजबूत सेवा-उन्मुख अर्थव्यवस्था है। ओस्लो, राजधानी शहर, एक प्रमुख वित्तीय केंद्र है और देश के आर्थिक विकास में योगदान देने वाली कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का घर है।

सॉवरेन वेल्थ फंड: नॉर्वे दुनिया के सबसे बड़े सॉवरेन वेल्थ फंड का प्रबंधन करता है, जिसे गवर्नमेंट पेंशन फंड ग्लोबल (GPFG) के रूप में जाना जाता है। फंड मुख्य रूप से तेल और गैस राजस्व द्वारा वित्त पोषित है और देश के लिए दीर्घकालिक निवेश वाहन के रूप में कार्य करता है। यह आय का एक स्थिर स्रोत प्रदान करता है, सरकारी खर्च का समर्थन करता है और अर्थव्यवस्था को बाहरी झटकों से बचाने में मदद करता है।

मजबूत सामाजिक कल्याण प्रणाली: नॉर्वे की व्यापक सामाजिक कल्याण प्रणाली, जिसमें सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा शामिल है, सामाजिक स्थिरता में योगदान करती है और उच्च जीवन स्तर को बढ़ावा देती है। एक अच्छी तरह से कार्य करने वाला कल्याणकारी राज्य एक कुशल और स्वस्थ कार्यबल सुनिश्चित करता है, जो निरंतर आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

यह नोट करना महत्वपूर्ण है कि नार्वेजियन अर्थव्यवस्था की ताकत भी विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन, राजनीतिक स्थिरता और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता से उत्पन्न होती है। देश के समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों और अत्यधिक कुशल कार्यबल के साथ मिलकर ये कारक नॉर्वे की आर्थिक सफलता में योगदान करते हैं।

नार्वे के बाजार में सक्रिय ऑटोमोबाइल कंपनियों ने पहले ही गैर-इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री जल्द बंद करने का लक्ष्य रखा है। लेकिन, बिक्री के आंकड़ों को देखकर साफ है कि जल्द ही नॉर्वे में वाहनों की लगभग सारी बिक्री इलेक्ट्रिक वाहनों की होगी।

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