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Anupama, YRKKH, Vasudha, Tum Se Tum Tak: सबसे ज़्यादा देखे जाने वाले धारावाहिक

भारतीय टीवी रैंकिंग · ताज़ा BARC आँकड़े

भारत के सबसे ज़्यादा देखे जाने वाले धारावाहिक: मौजूदा रैंकिंग और दर्शकों की पहली पसंद

कौन-सा शो इस समय टीआरपी चार्ट में सबसे आगे है और क्यों? हमने BARC इंडिया के ताज़ा साप्ताहिक आँकड़ों के साथ-साथ पाँच से अधिक टीवी पत्रकारों और विश्लेषकों की राय का अध्ययन किया, ताकि आपको एक भरोसेमंद और आसानी से समझ में आने वाली गाइड मिल सके।

रैंकिंग देखें

ताज़ा स्थिति — नवीनतम प्रकाशित BARC साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार

  • “गंगा मैई की बेटियाँ” (Zee TV) लगातार कई हफ्तों से नंबर 1 पर बना हुआ है और टीवीआर 1.9 के साथ चार्ट का नेतृत्व कर रहा है।
  • Zee TV के तीन शो — गंगा मैई की बेटियाँ, वसुधा और तुम से तुम तक — लगातार शीर्ष तीन स्थानों पर कब्ज़ा जमाए हुए हैं।
  • “नागिन 7” ने अपने अंतिम सप्ताह में चौथा स्थान हासिल कर एक यादगार विदाई दी।
  • “क्योंकि सास भी कभी बहू थी” पाँचवें स्थान पर खिसक गया है, जबकि “अनुपमा” शीर्ष पाँच से बाहर बनी हुई है।
  • “ये रिश्ता क्या कहलाता है” पहली बार कई महीनों में टॉप 10 से बाहर हो गया है।

नोट: टीआरपी आँकड़े हर हफ्ते बदलते हैं। यहाँ दिए गए आँकड़े नवीनतम सार्वजनिक रूप से उपलब्ध BARC रिपोर्ट पर आधारित हैं और आने वाले हफ्तों में इनमें बदलाव संभव है।

मौजूदा टॉप 10 रैंकिंग

नीचे दी गई तालिका BARC इंडिया की नवीनतम साप्ताहिक रिपोर्ट पर आधारित है, जिसमें टेलीविज़न व्यूअरशिप रेटिंग (TVR) के अनुसार शीर्ष धारावाहिकों को सूचीबद्ध किया गया है।

रैंकधारावाहिकचैनलटीवीआर
1गंगा मैई की बेटियाँZee TV1.9
2वसुधाZee TV1.8
3तुम से तुम तकZee TV1.7
4नागिन 7Colors TV1.6
5क्योंकि सास भी कभी बहू थीStar Plus1.5
6अनुपमाStar Plus1.4
7लाफ्टर शेफ्स अनलिमिटेड एंटरटेनमेंटColors TV1.4
8जगधात्रीZee TV1.4
9तारक मेहता का उल्टा चश्माSony SAB1.4
10उड़ने की आशा – सपनों का सफरStar Plus1.3

स्रोत: BARC इंडिया की साप्ताहिक टीआरपी रिपोर्ट (नवीनतम प्रकाशित आँकड़े)। हिंदी जनरल एंटरटेनमेंट चैनल (GEC) श्रेणी।

शीर्ष धारावाहिकों की सफलता के पीछे की कहानी

1. गंगा मैई की बेटियाँ (Zee TV)

वाराणसी की पृष्ठभूमि में बुनी गई यह कहानी एक ऐसी माँ के संघर्ष को दिखाती है जो बेटा न होने के कारण अपने पति द्वारा त्याग दी जाती है, लेकिन फिर भी अपनी तीन बेटियों को सम्मान और साहस के साथ पालती है। यह शो कुमकुम भाग्य की जगह रात 9 बजे के स्लॉट में आया था और बीते कई हफ्तों से लगातार चार्ट में शीर्ष स्थान बनाए हुए है। सिद्धू और स्नेहा की प्रेम कहानी को दर्शकों का ज़बरदस्त समर्थन मिला है, जिसने शो को टीआरपी में आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।

2. वसुधा (Zee TV)

यह धारावाहिक भी लगातार कई हफ्तों तक शीर्ष स्थान पर बना रहा और अब दूसरे नंबर पर मज़बूती से टिका हुआ है। पारिवारिक ताने-बाने और भावनात्मक रिश्तों पर केंद्रित यह कहानी दर्शकों को लगातार बांधे रखने में सफल रही है।

3. तुम से तुम तक (Zee TV)

रहस्य और रिश्तों की उलझनों से भरपूर यह शो लगातार शीर्ष तीन में बना हुआ है, और Zee TV के लिए यह सप्ताह-दर-सप्ताह एक भरोसेमंद प्रदर्शन साबित हो रहा है।

4. क्योंकि सास भी कभी बहू थी (Star Plus)

स्मृति ईरानी और अमर उपाध्याय की वापसी वाला यह रीबूट अपने पहले कुछ महीनों में लगातार नंबर 1 की स्थिति में रहा, लेकिन हाल के हफ्तों में इसे कड़ी टक्कर मिली है और यह पाँचवें स्थान पर आ गया है। तुलसी और परी के बीच की पारिवारिक खींचतान को दर्शकों का अब भी अच्छा समर्थन मिल रहा है।

5. अनुपमा (Star Plus)

रूपाली गांगुली अभिनीत यह धारावाहिक भारतीय टेलीविज़न के सबसे लंबे समय तक चलने वाले और सबसे भरोसेमंद शोज़ में गिना जाता है। हालांकि यह अभी शीर्ष पाँच से बाहर है, लेकिन इसकी स्थिरता और वफादार दर्शक वर्ग इसे लंबी अवधि में एक मज़बूत खिलाड़ी बनाए रखते हैं।

चैनलों के हिसाब से प्रदर्शन

1

Zee TV

शीर्ष तीन स्थानों पर लगातार कब्ज़ा — गंगा मैई की बेटियाँ, वसुधा और तुम से तुम तक की बदौलत हिंदी GEC श्रेणी में सबसे मज़बूत प्रदर्शन।

2

Star Plus

क्योंकि सास भी कभी बहू थी, अनुपमा और उड़ने की आशा के साथ ऊपरी आधे हिस्से में स्थिर उपस्थिति।

3

Colors TV

नागिन 7 की विदाई के बाद लाफ्टर शेफ्स अनलिमिटेड एंटरटेनमेंट के सहारे चार्ट में जगह बनाए रखने की कोशिश।

4

Sony SAB

तारक मेहता का उल्टा चश्मा जैसे लंबे समय से चल रहे शो के दम पर एक स्थिर, समर्पित दर्शक वर्ग बरकरार।

टीवी पत्रकारों और विश्लेषकों की राय

इस लेख को तैयार करने से पहले हमने भारतीय टेलीविज़न उद्योग को कवर करने वाले पाँच से अधिक पत्रकारों और विश्लेषकों की रिपोर्टों और टिप्पणियों का अध्ययन किया।

1. आरती जयकर तिवारी — टीवी पत्रकार, IWM Buzz

तिवारी लगातार कई हफ्तों से टीआरपी चार्ट को कवर करती आई हैं और उनका मानना है कि Zee TV के शोज़ की सफलता के पीछे भावनात्मक पारिवारिक कहानियाँ और मज़बूत जोड़ियों की केमिस्ट्री सबसे बड़ी वजह है।

2. अजय मिश्रा (Gtv) — टीवी और OTT पत्रकार, Tellyexpress

मिश्रा के विश्लेषण के अनुसार, आईपीएल जैसे बड़े खेल आयोजनों के दौरान समग्र टीवी व्यूअरशिप पर असर पड़ता है, लेकिन स्थापित पारिवारिक धारावाहिक अपनी वफादार दर्शक संख्या की बदौलत इस दबाव को बेहतर तरीके से झेल पाते हैं।

3. सकीना कौकावाला — मनोरंजन पत्रकार, Pinkvilla

कौकावाला बताती हैं कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले संवाद और दृश्य — जैसे किसी लोकप्रिय किरदार की भावुक पंचलाइन — किसी शो की टीआरपी को हफ्तों तक ऊपर बनाए रखने में सीधी भूमिका निभाते हैं।

4. शची तापियावाला — टीवी रिपोर्टर, Moneycontrol

तापियावाला के अनुसार, नई कहानी के मोड़ और शादी या पुनर्मिलन जैसे भावनात्मक ट्रैक अक्सर किसी शो को टॉप पोज़िशन दिलाने में निर्णायक साबित होते हैं, जैसा कि हाल ही में एक प्रमुख जोड़े के पुनर्मिलन के बाद देखने को मिला।

5. जौहर दीप — टीवी रेटिंग विश्लेषक, BizAsiaLive

दीप का विश्लेषण दिखाता है कि किसी चैनल का लगातार कई शीर्ष स्थानों पर कब्ज़ा — जैसे Zee TV का शीर्ष तीन पर एक साथ होना — केवल एक शो की सफलता नहीं बल्कि पूरे प्रसारण नेटवर्क की रणनीतिक मज़बूती को दर्शाता है।

मीडिया विश्लेषकों की सामान्य राय

कई उद्योग विश्लेषक इस बात पर सहमत हैं कि साप्ताहिक टीआरपी में उतार-चढ़ाव अक्सर कहानी के नए मोड़, किरदारों के विकास और प्रचार रणनीतियों से जुड़ा होता है — खासकर तब जब शीर्ष शोज़ के बीच का अंतर बेहद कम हो।

“हर टीवी कलाकार का सपना होता है कि उसका शो कभी नंबर 1 पर पहुंचे, और आज वह सपना हमारे लिए सच हो गया है।”

— सिद्धू की भूमिका निभाने वाले अभिनेता शीज़ान खान, शो के नंबर 1 बनने पर अपनी प्रतिक्रिया में

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस समय भारत का नंबर 1 टीवी धारावाहिक कौन-सा है?

नवीनतम BARC रिपोर्ट के अनुसार, Zee TV का “गंगा मैई की बेटियाँ” 1.9 के टीवीआर के साथ शीर्ष स्थान पर है।

टीआरपी रेटिंग कितनी बार जारी की जाती है?

BARC इंडिया हर हफ्ते गुरुवार को साप्ताहिक टीआरपी रिपोर्ट जारी करता है, जिसमें पिछले सप्ताह की व्यूअरशिप का आकलन होता है।

कौन-सा चैनल इस समय सबसे आगे है?

Zee TV लगातार कई हफ्तों से शीर्ष तीन स्थानों पर कब्ज़ा जमाए हुए है, जो इसे मौजूदा सबसे मज़बूत हिंदी GEC चैनल बनाता है।

“अनुपमा” शीर्ष पाँच से बाहर क्यों है?

हाल के हफ्तों में Zee TV के शोज़ और “नागिन 7” जैसे कार्यक्रमों से मिली कड़ी टक्कर के चलते “अनुपमा” फिलहाल छठे स्थान पर है, हालांकि यह अब भी एक स्थिर और लोकप्रिय शो बना हुआ है।

क्या टीआरपी रैंकिंग हर हफ्ते बदल सकती है?

हाँ, कहानी के नए मोड़, वायरल दृश्यों और प्रतिस्पर्धी शोज़ की वजह से रैंकिंग में साप्ताहिक बदलाव होना आम बात है।

नए दर्शकों को कौन-सा शो देखना शुरू करना चाहिए?

अगर आप भावनात्मक पारिवारिक ड्रामा पसंद करते हैं तो “गंगा मैई की बेटियाँ” या “वसुधा” से शुरुआत कर सकते हैं। पौराणिक-फंतासी पसंद करने वालों के लिए “नागिन” फ्रेंचाइज़ी और हल्के-फुल्के मनोरंजन के लिए “तारक मेहता का उल्टा चश्मा” बेहतरीन विकल्प हैं।

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2026 FIFA World Cup Current Rankings and Betting Odds for Sports Betting Fans

World Cup 2026 · Semifinal Week

Who Will Win the 2026 FIFA World Cup? Current Rankings, Odds & Expert Predictions

With Spain already through to Sunday’s final, the second semifinal between England and Argentina will decide who joins them on football’s biggest stage. Here’s where the title race stands right now, and what six leading football experts and analytical models are saying about who is best placed to lift the trophy.

Jump to Current Rankings

Where Things Stand — July 15, 2026

  • Spain defeated France 2-0 in the first semifinal to reach their second-ever World Cup final, extending an unbeaten run that now stretches 37 matches.
  • England and Argentina meet in Atlanta today for the second semifinal, with the winner facing Spain in New York/New Jersey on Sunday, July 19.
  • France, eliminated at the semifinal stage, moves into the third-place play-off.
  • Spain has taken over as the outright market favourite for the tournament, a position France had held for much of the knockout rounds.

Current Title Rankings

The table below reflects where the remaining title contenders stand across sportsbook pricing and prediction-market probabilities as the tournament enters its final stage. Figures are directional and will keep shifting after today’s semifinal result.

TeamStatusMarket PositionPrediction-Market Odds to Win It All
SpainThrough to FinalOutright favourite~58%
EnglandSemifinal (vs Argentina)Narrow favourite in the semifinal~23%
ArgentinaSemifinal (vs England)Narrow underdog in the semifinal~20%
FranceEliminated (Semifinal)Playing for third place

Percentages are approximate, drawn from regulated prediction-market pricing as of July 15, 2026, and will move once the England–Argentina result is known.

Path to the Final

1

Semifinal 1 — Result

Spain 2-0 France (Dallas). Goals from Mikel Oyarzabal and Pedro Porro sent La Roja through.

2

Semifinal 2 — Today

England vs Argentina, Atlanta, kick-off 3:00pm ET / 8:00pm BST. Winner advances to the final.

3

Third-Place Play-off

France take on the losing semifinalist for bronze ahead of the final.

4

The Final

Sunday, July 19 — New York/New Jersey Stadium. Spain await their opponent.

Why Spain Leads the Field

Spain’s run to the final has been built on defensive control as much as attacking quality. Since the opening round, La Roja have outscored opponents by a wide margin and have not lost a competitive fixture since a Euro qualifier defeat to Scotland in March 2023, a run that has now stretched to 37 matches unbeaten across all competitions.

The semifinal win over France was the third consecutive summer in which Spain has eliminated Les Bleus at a major tournament, following victories at Euro 2024 and last year’s Nations League. Manager Luis de la Fuente has repeatedly credited the squad’s tactical discipline and midfield control — anchored by Rodri, Pedri, and Fabián Ruiz — as the platform for the run, with teenage winger Lamine Yamal supplying the unpredictability up front.

“We said from the start that we came here to win it.”

— Pedri, Spain midfielder, on the squad’s mentality entering the tournament

Statistical models have consistently ranked Spain among the top contenders throughout the tournament. Long before a ball was kicked, Opta’s pre-tournament supercomputer simulation — run 25,000 times — rated Spain as the single most likely champion, ahead of France, England, and Argentina, each of whom cleared double-digit win probabilities of their own.

England vs Argentina: The Match That Decides the Final

England and Argentina meet for the first time at a major tournament since 2002, renewing one of international football’s most storied rivalries with a World Cup final place on the line. Argentina arrive as defending champions, with Lionel Messi in outstanding form — including a hat-trick in the tournament opener — and Julián Álvarez and Lautaro Martínez sharing the goalscoring load through the knockout rounds.

England’s route has been less spectacular but notably resilient: Thomas Tuchel’s side needed extra time or late goals to get past DR Congo, Mexico, and Norway in the knockout rounds, with Jude Bellingham and Harry Kane the standout performers. Betting markets have priced the tie as close to a coin flip, with England holding a slight edge heading into kick-off.

FactorEnglandArgentina
Tournament so farGritty, defensively resolute, reliant on late goalsHigh-scoring, Messi-driven, dominant in midfield
Key playersJude Bellingham, Harry Kane, Declan RiceLionel Messi, Julián Álvarez, Lautaro Martínez
Path to the semifinalDR Congo, Mexico, Norway (two via extra time)Algeria, Austria, Jordan, Cabo Verde, Egypt, Switzerland
Historical head-to-head6 wins, 5 draws, 3 losses (14 meetings)

What the Experts Are Saying

We reviewed analysis from six football experts and analytical services spanning data science, professional punditry, and the betting industry to gauge where informed opinion sits heading into the final stretch.

1. Dan Tracey — Sports Data Analyst, Real Football Filter

Tracey backed Spain before a ball was kicked and has been vindicated by their run to the final, pointing to squad freshness as a decisive factor.

“I have Spain down to win this year’s edition of the World Cup.”

— Dan Tracey, Real Football Filter

2. Nate Silver — Statistician, creator of the PELE forecasting model

Silver’s simulation model, which replays the tournament 100,000 times after every match, had Argentina and Spain as co-favourites entering the knockout rounds. Following Spain’s win over France, his model highlights Spain’s dominant underlying numbers — including a goal difference of 13-1 through the semifinal — as the strongest statistical case in the tournament.

3. Opta Supercomputer

Opta’s predictive model, built on 25,000 simulated tournaments, rated Spain the most likely pre-tournament champion at roughly 16% — narrowly ahead of France, England, and Argentina, each of which cleared double digits. The model also flagged England as most likely of the “big four” to reach the quarterfinals, a projection that has held up.

4. Kalshi Prediction Market

Regulated prediction markets, where traders take real positions on outcomes rather than simply setting bookmaker prices, currently price Spain at roughly a 58% chance of winning the tournament outright, with England and Argentina both in the low-20s ahead of their semifinal.

5. Frank Monkhouse — Betting Analyst, Flashscore

Monkhouse’s pre-final case rested on France’s recent tournament pedigree, noting their appearances in the previous two World Cup finals as a reason to back them again. That underlying logic is now moot following France’s semifinal exit, but it remains a useful illustration of why recent tournament experience alone doesn’t guarantee results — a point worth remembering for bettors weighing historical form against current momentum.

“France have played in each of the last two World Cup finals.”

— Frank Monkhouse, Flashscore betting analyst

6. Yousef Mahmoud — Assistant Football Coach & Performance Analyst, Al Arabi FC

Mahmoud’s early-tournament assessment identified a cluster of four genuine contenders — Spain, France, England, and Argentina — as clearly a level above the rest of the field, a grouping that has proven accurate through to the semifinal stage, with all four represented in this week’s final four.

Golden Boot Race

With Kylian Mbappé eliminated alongside France, the race for the tournament’s top scorer has tightened considerably. Lionel Messi has moved into pole position following a tournament that has already seen him become the joint-leading World Cup goalscorer of all time, while Harry Kane and Jude Bellingham remain outside contenders depending on how far England advance.

PlayerTeamMarket Position
Lionel MessiArgentinaFavourite
Harry KaneEnglandOutside contender
Jude BellinghamEnglandLong-shot contender

Notes for Bettors

Favourites don’t always win

The pre-tournament favourite has won the World Cup only once in the last six editions — a reminder that short-priced favourites still carry real risk.

Watch the semifinal line movement

Odds on the final will shift immediately once England vs Argentina is decided — waiting for that result removes one major unknown before backing a finalist.

Compare multiple sources

Bookmaker odds, prediction markets, and statistical models don’t always agree — cross-checking several before betting can reveal where the value actually sits.

Factor in fatigue and rotation

Both semifinalists on the England-Argentina side have required extra time in recent rounds, which may influence squad freshness in a potential final.

This article is for informational purposes only and does not constitute betting advice. Odds and probabilities are approximate, sourced from publicly available sportsbook and prediction-market data, and will change as the tournament progresses. Please gamble responsibly and only with licensed operators in your jurisdiction.

The Final Four Is Set — One Match Remains

Check back after the England–Argentina semifinal for updated odds ahead of Sunday’s final.

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Frequently Asked Questions

Who is currently favoured to win the 2026 World Cup?

Spain, having already secured their place in the final with a 2-0 win over France, is the current outright favourite across both sportsbooks and prediction markets.

When is the second semifinal, and who is playing?

England face Argentina in Atlanta on July 15, 2026, with kick-off at 3:00pm ET / 8:00pm BST. The winner advances to face Spain in the final.

When and where is the World Cup 2026 final?

The final takes place on Sunday, July 19, 2026, at the New York/New Jersey Stadium.

Is France completely out of the tournament?

Yes — France was eliminated in the semifinal by Spain and will now play in the third-place match rather than the final.

Who is favoured to win the Golden Boot?

Lionel Messi currently leads the race after Kylian Mbappé’s elimination, with Harry Kane and Jude Bellingham considered outside contenders.

How reliable are pre-tournament predictions once the knockout stage begins?

Useful as a baseline, but limited — the pre-tournament favourite has won only once in the last six World Cups, and models are typically updated after every match to reflect current form.

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JEE Main 2026: Exam Dates, Eligibility, Syllabus जेईई मेन 2026 परीक्षा की तारीखें, योग्यता, सिलेबस

2026 Admissions Guide

JEE Main 2026: Exam Dates, Eligibility, Syllabus & Complete Preparation Guide

A single, up-to-date reference covering everything a JEE Main aspirant needs — exam schedule, eligibility rules, syllabus, exam pattern, application process, admit card, cut-off trends, and counselling — organised in one place so you can plan your preparation with confidence.

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Latest Update — Session 2, 2026

  • The Session 2 result has been declared, and candidates can retrieve their scorecards using their application number and password.
  • The scorecard reflects the normalised percentile, All India Rank, and JEE Advanced qualification status; the top 2.5 lakh rank holders become eligible for JEE Advanced.
  • Session 2 admit cards were issued in phases beginning March 29, 2026, starting with the earliest exam dates.
  • The city intimation slip, released on March 21, 2026, is not valid for exam-day entry and is separate from the admit card.
  • Session 2 (Paper 1) was held on April 2, 4, 5, 6, and 8, 2026; Paper 2 (B.Arch/B.Planning) was held on April 7, 2026.

What Is JEE Main 2026?

The Joint Entrance Examination (Main) 2026 is a national-level entrance test conducted by the National Testing Agency for admission into undergraduate engineering and architecture programmes across India. With the exception of the drawing component of Paper 2, the exam is delivered entirely in computer-based format.

The examination is structured into two distinct papers:

  • Paper 1 — for admission into B.E./B.Tech programmes, testing Physics, Chemistry, and Mathematics based on the Class 11 and 12 curriculum.
  • Paper 2 — for admission into B.Arch and B.Planning programmes, split into Paper 2A (Mathematics, Aptitude, and Drawing) and Paper 2B (Mathematics, Aptitude, and Planning).

JEE Main 2026 at a Glance

ParticularsDetails
Conducting bodyNational Testing Agency (NTA)
Exam levelNational
FrequencyTwice a year (January and April sessions)
Exam modeComputer-based test; drawing section of B.Arch is pen-and-paper
Session 1 application windowOctober 31 – November 27, 2025
Session 2 application windowFebruary 1 – February 25, 2026 (reopened March 12–13, 2026)
Session 1 exam datesJanuary 21, 22, 23, 24, 28 & 29, 2026
Session 2 exam datesApril 2, 4, 5, 6 & 8, 2026 (Paper 1); April 7, 2026 (Paper 2)
Session 1 resultFebruary 16, 2026
Session 2 resultApril 20, 2026 (declared)
Papers offeredB.E./B.Tech, B.Arch, B.Planning
Duration3 hours (3.5 hours for combined B.Arch + B.Planning)
Total marksB.E./B.Tech: 300 | B.Arch & B.Planning: 400
Marking scheme+4 for each correct answer, −1 for each incorrect answer, no penalty for unattempted or numerical-value questions
Medium of examEnglish, Hindi, Urdu, and regional languages

Eligibility Criteria

Before beginning the application process, candidates should confirm they meet the following conditions:

1

Nationality

Open to Indian citizens; NRIs, PIOs, OCIs, and foreign nationals may also apply.

2

Academic Qualification

Candidates who passed or are appearing in Class 12 (or equivalent) in 2024, 2025, or 2026 are eligible.

3

Age Limit

No upper age limit is prescribed by NTA; individual institutes may apply their own criteria.

4

Number of Attempts

Candidates may appear for three consecutive years following their Class 12 pass-out year.

5

Minimum Marks

No minimum Class 12 percentage is required simply to sit the exam.

6

Board Requirement

The qualifying exam must be from a recognised Central or State Board.

Note on the 75% rule: this threshold does not apply to appearing for JEE Main itself, but admission into NITs, IIITs, and GFTIs requires candidates to secure at least 75% in Class 12 (65% for SC/ST candidates), or rank among the top 20 percentile of their respective board.

Syllabus Overview

The syllabus for all papers draws from the Class 11 and 12 NCERT curriculum. A subject-wise summary is given below.

Paper 1 (B.E./B.Tech)

SubjectCore Topics
MathematicsSets, relations and functions, complex numbers, quadratic equations, matrices, determinants, binomial theorem, calculus, trigonometry, vector algebra, probability, coordinate geometry
PhysicsKinematics, laws of motion, work-energy-power, thermodynamics, current electricity, magnetism, optics, modern physics, electronic devices
ChemistryAtomic structure, thermodynamics, chemical bonding, equilibrium, redox reactions, p-block and d-block elements, organic compounds, biomolecules, chemistry in everyday life

Paper 2A (B.Arch)

SubjectCore Topics
MathematicsSame coverage as Paper 1
General Aptitude3D visualisation, analytical reasoning, architectural awareness, colour and texture, geometric shapes, design composition
DrawingSketching from memory, urban and rural landscapes, geometric pattern creation, perspective drawing

Paper 2B (B.Planning)

SubjectCore Topics
MathematicsSame coverage as Paper 1
General AptitudeSpatial visualisation, analytical reasoning, 3D perception, numerical and verbal reasoning
PlanningGeneral awareness, social science, geography, urbanisation, development issues, map reading, graph interpretation, quantitative reasoning

Exam Pattern

ParticularsPaper 1 (B.E./B.Tech)Paper 2A (B.Arch)Paper 2B (B.Planning)
ModeComputer-basedComputer-based, except DrawingComputer-based
SubjectsPhysics, Chemistry, MathematicsMathematics, Aptitude, DrawingMathematics, Aptitude, Planning
Total questions75 (25 per subject)77100
Question type20 MCQ + 5 numerical-value per subjectMathematics 25, Aptitude 50, Drawing 2Mathematics 25, Aptitude 50, Planning 25
Duration3 hours3 hours3 hours
Total marks300400400
Marking scheme+4 for correct, −1 for incorrect, 0 for unattempted

Paper 2B is also offered in 13 language options, including English, Hindi, Gujarati, and ten regional languages.

Application Process

The application form is released in two phases corresponding to Session 1 and Session 2. For Session 2, candidates who already registered for Session 1 can proceed using their existing login credentials, while new applicants must complete fresh registration.

Application Fee

CategoryFee
General category₹1,000
OBC / Female candidates₹800
SC / ST / PwD candidates₹500

Documents Required

  • Recent passport-size photograph
  • Scanned signature
  • Class 10 mark sheet or certificate
  • Category or PwD certificate, where applicable

Application Timeline

EventDate
Session 1 application opensOctober 31, 2025
Session 1 application closesNovember 27, 2025 (11:50 PM)
Session 2 application opensFebruary 1, 2026 (reopened March 12–13, 2026)
Session 2 application closesFebruary 25, 2026 (reopened March 12–13, 2026)
Session 1 exam windowJanuary 21 – 29, 2026
Session 2 exam windowApril 2 – 9, 2026

Admit Card & Exam City Slip

Admit cards are released separately for each session, generally after the exam city intimation slip. For Session 2, the admit card was issued in phases — first for the April 2 and April 4 exam dates, followed by the remaining dates closer to their respective exams.

The admit card includes the candidate’s name, roll number, exam date and time, centre address, paper details, and exam-day instructions. Candidates should verify all details immediately after download.

What to Carry to the Exam Centre

  • A printed, preferably coloured, copy of the admit card
  • One valid photo ID (Aadhaar, PAN, Passport, or Voter ID)
  • A passport-size photograph matching the one used during registration

Downloading the Admit Card

  • Visit the official NTA JEE Main portal
  • Select the admit card link for the relevant session
  • Log in using your application number and password or date of birth
  • Download and print the admit card ahead of the exam date

The city intimation slip is issued before the admit card and confirms only the allotted exam city — it cannot be used for entry at the centre.

Preparation Strategy

Know the syllabus deeply

Study the exam pattern closely and prioritise high-weightage topics first.

Build a study schedule

Allocate consistent time across all three subjects and stick to the plan.

Practice relentlessly

Work through mock tests and previous years’ papers under timed conditions.

Prioritise concepts

Understand the underlying principles rather than memorising formulas.

Anchor to NCERT

Treat NCERT textbooks as your primary resource, supplemented by trusted references.

Revise on a cycle

Schedule regular revision to strengthen long-term retention.

Protect your wellbeing

Maintain proper sleep, nutrition, and short breaks during study sessions.

Study collaboratively

Join peer groups to discuss difficult concepts and learn different approaches.

Cut-off Trends

The qualifying percentile for JEE Advanced eligibility is announced alongside the Session 2 result and varies by category and year. Recent trends are shown below.

Category2025202420232022
General93.1093.2390.7788.41
OBC-NCL80.3879.6775.6267.00
SC79.4360.0973.6143.08
ST61.1546.6951.9726.77
Gen-EWS47.9081.3237.2363.11

There is no pass/fail threshold for JEE Main itself. Admission to NITs, IIITs, and GFTIs is based on All India Rank; the cut-off percentile determines JEE Advanced eligibility only.

Counselling & Seat Allotment

The Joint Seat Allocation Authority conducts centralised counselling for admission into 23 IITs, 31 NITs, IIEST Shibpur, 26 IIITs, and 38 GFTIs, open only to candidates who qualify in JEE Main or JEE Advanced.

1

Registration

Log in to the counselling portal using your JEE Main or JEE Advanced credentials.

2

Choice Filling

Select and rank your preferred institutes and courses.

3

Seat Allotment

Seats are allocated based on rank, availability, and your stated preferences.

4

Confirmation

Pay the acceptance fee, upload documents, and confirm via Freeze, Float, or Slide.

Recommended Study Resources

SubjectRecommended Titles
PhysicsConcepts of Physics (Part I & II), Problems in General Physics, Physics for JEE (Main & Advanced)
ChemistryConcise Inorganic Chemistry, Numerical Chemistry, Modern Approach to Chemical Calculations, Organic Chemistry
MathematicsHigher Algebra, Differential Calculus, Problems in Calculus of One Variable, Objective Mathematics for JEE

Stay Ahead of Every JEE Main Update

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Frequently Asked Questions

When is the JEE Main 2026 exam conducted?

Session 2 (Paper 1) is held on April 2, 4, 5, 6, and 8, 2026, while Paper 2 (B.Arch/B.Planning) is held on April 7, 2026.

What is the application fee?

₹1,000 for General category candidates, ₹800 for OBC/Female candidates, and ₹500 for SC/ST/PwD candidates.

Who is eligible to apply?

Candidates who passed or are appearing in Class 12 in 2024, 2025, or 2026 are eligible, with no upper age limit, for up to three consecutive attempts after passing Class 12.

Does the 75% marks rule apply to JEE Main?

No — it is not required to sit the exam. It applies only to admission into NITs, IIITs, and GFTIs, where candidates need 75% in Class 12 (65% for SC/ST) or a top-20-percentile board rank.

What is the syllabus for each paper?

Paper 1 covers Physics, Chemistry, and Mathematics; Paper 2A covers Mathematics, Aptitude, and Drawing; Paper 2B covers Mathematics, Aptitude, and Planning — all based on the Class 11–12 NCERT curriculum.

When was the admit card released?

The Session 2 admit card was released on March 29, 2026, initially for the April 2 and April 4 exam dates, with subsequent dates released in phases.

When is the result declared?

The Session 1 result was declared on February 16, 2026, and the Session 2 result was declared on April 20, 2026.

What is the expected cut-off for 2026?

Based on recent trends: roughly 93 percentile for General, 80 for OBC-NCL, 60–70 for SC, and 45–55 for ST, though the official figure is confirmed only after results are declared.

How is the JEE Main rank calculated?

Ranks are derived from normalised NTA percentile scores, which account for variation in difficulty across different exam shifts.

Which institutes accept JEE Main scores?

Scores are accepted by 31 NITs, 26 IIITs, 38 GFTIs, and numerous state and private engineering colleges nationwide.

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फ़ैशन शेयर बाजार संपादक की पसंद

ब्लूस्टोन ज्वेलरी एंड लाइफस्टाइल (BlueStone Jewellery) Share Price Target Rs 662: BOB Capital Market

ब्लूस्टोन ज्वेलरी एंड लाइफस्टाइल ने अपने हालिया इन्वेस्टर डे में दीर्घकालिक विकास रणनीति पेश करते हुए यह स्पष्ट किया कि कंपनी अगले कुछ वर्षों में भारत के संगठित आभूषण बाजार में अपनी हिस्सेदारी को आक्रामक रूप से बढ़ाने की तैयारी कर रही है। BOBCAPS का मानना है कि कंपनी का ओम्नीचैनल मॉडल, मजबूत ग्राहक अधिग्रहण क्षमता और बढ़ता स्टोर नेटवर्क आने वाले वर्षों में राजस्व तथा लाभप्रदता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। इसी विश्वास के आधार पर ब्रोकरेज ने BUY रेटिंग दोहराते हुए Rs 662 का टारगेट प्राइस निर्धारित किया है।

ब्लूस्टोन ज्वेलरी में निवेश का थीसिस

ब्लूस्टोन भारत के तेजी से औपचारिक हो रहे ज्वेलरी बाजार का प्रमुख लाभार्थी बन सकता है। कंपनी का लक्ष्य हर वर्ष लगभग 20% स्टोर विस्तार करना है, जबकि पुराने स्टोर पहले से ही लगभग 25% EBITDA मार्जिन और 43% ROIC दे रहे हैं। ग्राहक आधार, रिपीट खरीदारी और औसत ऑर्डर वैल्यू (AOV) में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है। प्रबंधन FY30 तक प्री-INDAS EBITDA मार्जिन को लगभग 14.7% तक पहुंचाने का लक्ष्य रखता है। इन्वेंट्री दक्षता, ऑपरेटिंग लीवरेज और ओम्नीचैनल रणनीति को देखते हुए ब्रोकरेज को कंपनी की दीर्घकालिक विकास क्षमता पर मजबूत भरोसा है।

ओम्नीचैनल मॉडल बना सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धात्मक ताकत

ब्लूस्टोन का सबसे महत्वपूर्ण लाभ इसका ऑनलाइन और ऑफलाइन चैनलों का एकीकृत मॉडल है। प्रबंधन के अनुसार आज अधिकांश उपभोक्ता पहले ऑनलाइन उत्पादों की खोज करते हैं और बाद में ऑफलाइन स्टोर में जाकर खरीदारी करते हैं। यह बदलता उपभोक्ता व्यवहार कंपनी के लिए बड़ा अवसर पैदा कर रहा है। पारंपरिक ज्वेलरी रिटेलरों की तुलना में ब्लूस्टोन ग्राहकों को डिजिटल खोज, उत्पाद चयन और भौतिक अनुभव का मिश्रण उपलब्ध कराता है। इससे ग्राहक जुड़ाव बढ़ता है और खरीदारी का निर्णय तेज होता है।

340 स्टोर्स से 700+ स्टोर्स तक पहुंचने की महत्वाकांक्षा

FY26 के अंत तक कंपनी के पास 340 स्टोर्स का नेटवर्क था। प्रबंधन अगले चार वर्षों में लगभग 20% वार्षिक स्टोर विस्तार का लक्ष्य रखता है। कंपनी का अनुमान है कि FY30 तक स्टोर संख्या 700 से अधिक तक पहुंच सकती है। रिपोर्ट के अनुसार नए स्टोर केवल 3-4 महीनों में ऑपरेटिंग ब्रेकईवन हासिल कर रहे हैं, जो विस्तार रणनीति की सफलता को दर्शाता है। पुराने स्टोर्स का प्रदर्शन और भी प्रभावशाली है:

समान-स्टोर बिक्री वृद्धि अब भी मजबूत

रिटेल उद्योग में अक्सर समय के साथ स्टोर उत्पादकता कम होने लगती है। लेकिन ब्लूस्टोन के मामले में अभी ऐसा कोई संकेत दिखाई नहीं देता। पुराने स्टोर समूह लगभग 30% समान-स्टोर बिक्री वृद्धि (SSSG) दर्ज कर रहे हैं। यह बताता है कि कंपनी के स्टोर अभी भी परिपक्वता के शुरुआती चरण में हैं और आने वाले वर्षों में अतिरिक्त उत्पादकता लाभ संभव हैं।

इन्वेंट्री प्रबंधन पर विशेष फोकस

FY26 में कंपनी का इन्वेंट्री टर्न 1.13x रहा। हालांकि यह संख्या सोने की कीमतों में तेज वृद्धि और विनिर्माण इन्वेंट्री के कारण प्रभावित हुई। प्रबंधन का लक्ष्य मध्यम अवधि में स्टोर स्तर पर इन्वेंट्री टर्न को 1.7x से 1.9x तक पहुंचाना है। बेहतर इन्वेंट्री दक्षता से नकदी प्रवाह सुधरेगा और पूंजी पर प्रतिफल बढ़ेगा। कंपनी विकास वित्तपोषण के लिए निम्न स्रोतों का उपयोग जारी रखेगी:

  • आंतरिक नकदी प्रवाह
  • ग्राहक अग्रिम
  • गोल्ड सेविंग योजनाएं
  • गोल्ड मेटल लोन

मार्जिन विस्तार और ऑपरेटिंग लीवरेज बनेगा अगला ट्रिगर

प्रबंधन FY30 तक लगभग 14.7% प्री-INDAS EBITDA मार्जिन का लक्ष्य रख रहा है। जैसे-जैसे स्टोर परिपक्व होंगे और निश्चित लागतें बड़े राजस्व आधार पर फैलेंगी, ऑपरेटिंग लीवरेज का लाभ स्पष्ट रूप से दिखाई देने की संभावना है। सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद उत्पाद मिश्रण को समायोजित करने की कंपनी की क्षमता निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

निवेशकों के लिए प्रमुख स्तर

ब्रोकरेज हाउस: BOB Capital Markets (BOBCAPS) 

रेटिंग: BUY 

वर्तमान मूल्य: Rs 535 

लक्ष्य मूल्य: Rs 662 

संभावित बढ़त: लगभग 24% 

52-सप्ताह उच्च स्तर: Rs 793 

52-सप्ताह निम्न स्तर: Rs 400

निष्कर्ष

ब्लूस्टोन भारतीय ज्वेलरी उद्योग में तेजी से उभरता हुआ संगठित खिलाड़ी बन चुका है। मजबूत ग्राहक वृद्धि, बढ़ती रिपीट खरीदारी, ऊंचा AOV, आक्रामक स्टोर विस्तार और बेहतर यूनिट इकॉनॉमिक्स कंपनी के दीर्घकालिक निवेश तर्क को मजबूत बनाते हैं। BOBCAPS का मानना है कि ओम्नीचैनल रणनीति और बढ़ते ऑपरेटिंग लीवरेज के कारण ब्लूस्टोन अगले कुछ वर्षों में लाभप्रदता के नए चरण में प्रवेश कर सकता है। हालांकि सोने की कीमतों और मार्जिन स्थिरता पर नजर रखना आवश्यक होगा, लेकिन वर्तमान मूल्यांकन स्तरों पर दीर्घकालिक निवेशकों के लिए अवसर आकर्षक दिखाई देता है।

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अमेरिका संपादक की पसंद

US Bancorp ने की बिटकॉइन, क्रिप्टो (Cryptpcurrency Custody) कस्टडी सेवा की घोषणा

US Bancorp ने तीन वर्षों के अंतराल के बाद बिटकॉइन कस्टडी सेवाओं को पुनः शुरू करने की घोषणा की है। ट्रम्प प्रशासन की नई नीतियों और नियामक स्पष्टता के बाद, बैंक अब संस्थागत निवेश प्रबंधकों के लिए डिजिटल परिसंपत्ति संरक्षण सेवाएं प्रदान कर रहा है। यह कदम अमेरिका को “क्रिप्टो कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड” बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति दर्शाता है।

नियामक बाधाओं से मुक्ति: US Bancorp का रणनीतिक पुनरुत्थान

वित्तीय सेवा क्षेत्र में एक युगांतकारी परिवर्तन के रूप में, US Bancorp ने बुधवार को अपनी बिटकॉइन कस्टडी सेवाओं की पुनः शुरुआत की घोषणा की है। यह निर्णय तीन वर्षों के मजबूरी भरे मौन के बाद आया है, जब बैंक को बाइडेन प्रशासन की नीतिगत बाधाओं के कारण इन सेवाओं को स्थगित करना पड़ा था। बैंक की मूल क्रिप्टो कस्टडी सेवा पहली बार 2021 में फिनटेक कंपनी NYDIG के साथ साझेदारी में शुरू की गई थी। हालांकि, यह कार्यक्रम 2022 की शुरुआत में तब स्थगित हो गया जब SEC ने Staff Accounting Bulletin No. 121 (SAB 121) जारी किया, जिसने कस्टोडियन्स को इन गतिविधियों के लिए अपनी बैलेंस शीट पर पूंजी रखने की आवश्यकता लगाई।

ट्रम्प प्रशासन की नई दिशा और नियामक स्वतंत्रता

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकारी आदेश “Strengthening American Leadership In Digital Financial Technology” के बाद इस वर्ष की शुरुआत में यह नियम रद्द कर दिया गया। इस निर्णायक बदलाव के परिणामस्वरूप, Office of the Comptroller of the Currency (OCC), Federal Deposit Insurance Corporation (FDIC), और Federal Reserve ने भी पर्यवेक्षी दिशानिर्देशों से “प्रतिष्ठित जोखिम” परीक्षा को हटा दिया है। US Bank के वेल्थ, कॉर्पोरेट, कमर्शियल और इंस्टिट्यूशनल बैंकिंग के प्रमुख स्टीफन फिलिप्सन ने स्पष्ट करते हुए कहा, “अधिक नियामक स्पष्टता के बाद, हमने अपने प्रस्ताव का विस्तार करके बिटकॉइन ETFs को शामिल किया है, जो हमें कस्टडी और प्रशासन सेवाएं चाहने वाले प्रबंधकों के लिए पूर्ण-सेवा समाधान प्रदान करने की अनुमति देता है।”

संस्थागत ग्राहकों के लिए विशेष कस्टडी कार्यक्रम

घोषणा के अनुसार, बैंक अब अपनी बिटकॉइन कस्टडी सेवाओं को Global Fund Services ग्राहकों के लिए एक प्रारंभिक पहुंच कार्यक्रम के रूप में पेश कर रहा है। यह सेवा विशेष रूप से उन संस्थागत निवेश प्रबंधकों के लिए डिज़ाइन की गई है जिनके पास “पंजीकृत या निजी फंड हैं और जो बिटकॉइन के लिए एक सुरक्षित संरक्षण समाधान चाहते हैं।” फिलिप्सन ने आत्मविश्वास के साथ बताया, “हमारे पास प्लेबुक तैयार था, और अब यह इसे खोलकर फिर से क्रियान्वित करने का मामला है।” उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मांग और बाज़ार के विकास का आकलन करने के बाद, वे संभावित रूप से अधिक व्यापक स्तर पर विस्तार करेंगे।

भविष्य की रणनीति और विस्तार योजनाएं

रिपोर्टों के अनुसार, बैंक इस बात की खोज कर रहा है कि क्रिप्टो और स्टेबलकॉइन्स के उपयोग के मामले उसकी वेल्थ, पेमेंट्स और कंज्यूमर बैंकिंग आवश्यकताओं में कैसे फिट हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त, यदि अन्य क्रिप्टोकरेंसी बैंक के मानदंडों को पूरा करती हैं, तो वित्तीय संस्थान उनके लिए भी कस्टडी सेवाएं प्रदान करने पर विचार करेगा। समानांतर में, Citigroup भी क्रिप्टो कस्टडी और पेमेंट सेवाएं प्रदान करने की योजनाओं की खोज कर रहा है। यह बैंक क्रिप्टो-लिंक्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड उत्पादों के लिए कस्टडी ऑफरिंग्स का भी अध्ययन कर रहा है, जिसमें बिटकॉइन एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETFs) शामिल हो सकते हैं।

नियामक परिदृश्य में आमूल-चूल परिवर्तन

अमेरिकी नियामकों ने भी ट्रम्प प्रशासन के प्रयासों को जारी रखने के लिए नए प्रयासों की घोषणा की है, जिसका लक्ष्य अमेरिका को “दुनिया की क्रिप्टो राजधानी” बनाना है। मंगलवार को, SEC और Commodity Futures Trading Commission (CFTC) ने अमेरिका में स्पॉट क्रिप्टो ट्रेडिंग पर अपने विचारों को स्पष्ट करते हुए एक संयुक्त बयान जारी किया। बयान के अनुसार, नियामकों का मानना है कि SEC और CFTC-पंजीकृत एक्सचेंज मौजूदा कानून के तहत कुछ स्पॉट कमोडिटी उत्पादों के व्यापार की सुविधा प्रदान करने से प्रतिबंधित नहीं हैं, जो पारंपरिक वित्तीय स्थानों के लिए इन उत्पादों को पेश करने का मार्ग प्रशस्त करता है।

उद्योग नेताओं की आशावादी टिप्पणियां

नियामक एजेंसियों ने नोट किया कि वे बाज़ार सहभागियों के साथ संपर्क करने, अपनी संबंधित एजेंसियों द्वारा विचार का समर्थन करने, और संबंधित प्रश्नों का समाधान करने के लिए तैयार हैं। CFTC की कार्यवाहक अध्यक्ष कैरोलाइन डी. फाम ने कहा, “पिछली प्रशासन के दौरान, हमारी एजेंसियों ने डिजिटल एसेट मार्केट्स में नियामन और अनुपालन के बारे में मिश्रित संकेत भेजे थे, लेकिन संदेश स्पष्ट था: नवाचार का स्वागत नहीं था। वह अध्याय समाप्त हो गया है।” इसी तरह, SEC अध्यक्ष पॉल एटकिन्स ने पुष्टि की कि “बाज़ार सहभागियों के पास यह चुनने की स्वतंत्रता होनी चाहिए कि वे स्पॉट क्रिप्टो एसेट्स का कारोबार कहां करते हैं,” यह जोड़ते हुए कि “SEC इन तेजी से विकसित होने वाले बाज़ारों में नवाचार और प्रतिस्पर्धा का समर्थन करने वाले नियामक ढांचे को सुनिश्चित करने के लिए CFTC के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

निष्कर्ष: डिजिटल वित्त में अमेरिकी नेतृत्व की नई शुरुआत

US Bancorp की बिटकॉइन कस्टडी सेवाओं की वापसी केवल एक वित्तीय संस्थान का निर्णय नहीं है, बल्कि अमेरिकी डिजिटल वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में एक व्यापक परिवर्तन का प्रतीक है। तीन वर्षों के नियामक अनिश्चितता के बाद, स्पष्ट नीतिगत दिशा और समर्थनकारी कानूनी ढांचे के साथ, पारंपरिक बैंकिंग और डिजिटल परिसंपत्ति सेवाओं के बीच का अंतर तेजी से कम हो रहा है। निवेशकों और संस्थागत प्रबंधकों के लिए, यह घटनाक्रम अधिक विश्वसनीय और नियामक-अनुपालित क्रिप्टो कस्टडी विकल्पों की उपलब्धता का संकेत देता है। जैसे-जैसे Citigroup जैसे अन्य प्रमुख वित्तीय संस्थान भी इसी दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं, डिजिटल परिसंपत्ति बाज़ार में संस्थागत भागीदारी में तेजी से वृद्धि की उम्मीद की जा सकती है।

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भारत संपादक की पसंद

थर्ड-पार्टी और कॉम्प्रिहेंसिव कार इंश्योरेंस के बीच क्या अंतर है?

कानूनी और वित्तीय सुरक्षा के लिए सही कार इंश्योरेंस चुनना महत्वपूर्ण है। भारत सहित अधिकांश देशों में, व्यक्तियों के लिए न्यूनतम स्तर का ऑटो इंश्योरेंस कवरेज भी अनिवार्य है।

हालाँकि, थर्ड-पार्टी और कॉम्प्रिहेंसिव कार इंश्योरेंस के बीच अंतर करना कई लोगों के लिए एक चुनौती प्रतीत होता है। यहां वह सब कुछ है जो आपको थर्ड-पार्टी और कॉम्प्रिहेंसिव कार इंश्योरेंस पॉलिसियों के बारे में जानने की आवश्यकता है।

थर्ड-पार्टी कार इंश्योरेंस क्या है?

थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस सबसे मौलिक इंश्योरेंस विकल्प है। इसमें वह डैमेजेस या चोटें शामिल हैं जो आप, एक ड्राइवर के रूप में, किसी अन्य व्यक्ति या उनकी संपत्ति को पहुंचा सकते हैं।

●      कानूनी जरूरत

भारत में, मोटर वाहन अधिनियम 1988 के तहत, अपनी कार को थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस के साथ इंश्योरेंस कराना एक कानूनी आवश्यकता है।

●      तीसरे पक्ष के नुकसान के लिए कवरेज

यदि आप किसी ऐसी घटना में शामिल हैं जिसके परिणामस्वरूप संपत्ति को नुकसान हुआ है या किसी अन्य व्यक्ति की कार को नुकसान पहुंचा है, तो यह पॉलिसी क्रमशः मरम्मत या दवा पर उनके खर्च को पूरा करेगी।

●      स्वयं के नुकसान के लिए कोई कवरेज नहीं

चाहे परिस्थिति कुछ भी हो, यह पॉलिसी आपकी कार को हुए किसी भी नुकसान या डैमेजेस पर लागू नहीं होती है।

●      कम प्रीमियम

यह सबसे किफायती इंश्योरेंस है क्योंकि इसका कवरेज छोटा है और इस प्रकार यह केवल छोटे जोखिमों को ही पूरा कर सकता है।

थर्ड-पार्टी कार इंश्योरेंस का एक उदाहरण

मान लीजिए, एक दिन आप अपनी कार चला रहे हैं और गलती से किसी दूसरे वाहन से टकरा जाते हैं। थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस में, इंश्योरेंस कंपनी दूसरे पक्ष की कार की मरम्मत की लागत को कवर करेगी। हालाँकि, यदि आपका वाहन प्रभावित हुआ है, तो इसे अकेले सुलझाना आपके अपने खर्च पर आता है।

कॉम्प्रिहेंसिव कार इंश्योरेंस क्या है?

कॉम्प्रिहेंसिव कार इंश्योरेंस थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस की तुलना में कॉम्प्रिहेंसिव कवरेज प्रदान करता है। यह न केवल तीसरे पक्ष के नुकसान को कवर करता है बल्कि विभिन्न स्थितियों में आपकी अपनी कार को हुए नुकसान को भी कवर करता है।

●      थर्ड-पार्टी कवरेज

यह आपको तीसरे पक्ष के दावों का अधिकार देता है जहां किसी दुर्घटना में अन्य लोगों के वाहनों की संपत्ति डैमेजेस के लिए आप जिम्मेदार हैं।

●      स्वयं की डैमेजेस कवरेज

इसमें आपकी कार को दुर्घटना में हुई डैमेजेस भी शामिल है, भले ही इसका कारण आप ही हों।

●      अतिरिक्त कवरेज

दुर्घटनाएँ ही एकमात्र ऐसी चीज़ नहीं है जो कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस द्वारा कवर की जाती है। यह चोरी, आग फैलने, दैवीय कृत्यों और बर्बरता के अन्य मामलों से सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है।

●      वैकल्पिक ऐड-ऑन

ऐसे अतिरिक्त विकल्प हैं जिन्हें पॉलिसी में जोड़ा जा सकता है, जैसे शून्य डिपो, इंजन वारंटी, टोइंग इत्यादि।

●      उच्च प्रीमियम

चूंकि कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस कॉम्प्रिहेंसिव कवरेज प्रदान करता है, ऐसे कवरेज के लिए पॉलिसी शुल्क आमतौर पर तीसरे पक्ष के इंश्योरेंस की तुलना में अधिक होता है।

कॉम्प्रिहेंसिव कार इंश्योरेंस का एक उदाहरण

यदि आपकी कार चोरी हो जाती है या बाढ़ में डैमेजेसग्रस्त हो जाती है, तो कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस किसी भी कटौती को घटाकर मरम्मत या प्रतिस्थापन लागत को कवर करेगा।

थर्ड-पार्टी और कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस के बीच मुख्य अंतर

आइए इन दो प्रकार के कार इंश्योरेंस के बीच प्रमुख अंतरों को सरल शब्दों में समझें:

 तृतीय पक्ष इंश्योरेंसकॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस
कवरेज का दायरायह केवल किसी दुर्घटना में अन्य लोगों को हुए नुकसान पर लागू होता हैकिसी दुर्घटना, चोरी और अन्य प्राकृतिक घटनाओं के मामले में तीसरे पक्ष और स्वयं की डैमेजेस के लिए देनदारियों की पेशकश करता है
प्रीमियम लागतकम प्रीमियम का श्रेय इस तथ्य को दिया जाता है कि यह सीमित कवरेज प्रदान करता हैइंश्योरेंस पॉलिसी के कॉम्प्रिहेंसिव कवरेज के कारण प्रीमियम अधिक है
कानूनी आवश्यकतायेंपूरे देश में अनिवार्यबाध्यकारी नहीं है लेकिन अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करता है  
स्वयं की डैमेजेस सुरक्षाइस पॉलिसी में आपके अपने वाहन को हुए नुकसान के लिए कवरेज शामिल नहीं हैयह दुर्घटनाओं के लिए दायित्व की परवाह किए बिना आपकी अपनी कार के लिए सुरक्षा प्रदान करता है  
अतिरिक्त लाभदेयता कवरेज तक सीमितइसमें अतिरिक्त सुविधाएं जैसे टोइंग, आपातकालीन बचाव, शून्य मूल्यह्रास सुरक्षा और अन्य संबंधित सेवाएं शामिल हो सकती हैं

थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस कब चुनें?

थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस कुछ स्थितियों में उपयुक्त हो सकता है, जैसे:

  • बजट बाधाएं

यदि आप सबसे किफायती विकल्प की तलाश में हैं, तो थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प है।

  • पुरानी कार

यदि आपके पास कम बाजार मूल्य वाली पुरानी कार है, तो कॉम्प्रिहेंसिव कवरेज के लिए इसका इंश्योरेंस कराना उचित नहीं होगा।

  • कानूनी अनुपालन

आप केवल ड्राइविंग के लिए कानूनी आवश्यकताओं को पूरा करना चाहते हैं।

कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस कब चुनें?

निम्नलिखित मामलों में कॉम्प्रिहेंसिव कार इंश्योरेंस एक बेहतर विकल्प हो सकता है:

●      नई कार

यदि आपके पास नई या महंगी कार है, तो कॉम्प्रिहेंसिव कवरेज डैमेजेस और चोरी से पूर्ण सुरक्षा प्रदान करता है।

●      अप्रत्याशित मौसम

बाढ़ या ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से ग्रस्त क्षेत्रों में, कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस यह सुनिश्चित करता है कि आप प्रकृति के प्रकोप से सुरक्षित हैं।

●      बार-बार गाड़ी चलाना

यदि आप अक्सर गाड़ी चलाते हैं या उच्च यातायात वाले क्षेत्रों में रहते हैं, तो कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस मरम्मत के लिए जेब से भुगतान करने के जोखिम को कम करता है।

●      मन की शांति

कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस आपको आपके वाहन को विभिन्न जोखिमों से पूर्ण सुरक्षा प्रदान करता है।

थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस की खूबियां और खामियां

खूबियां

  • किफायती: कम प्रीमियम वॉलेट पर इसे आसान बनाता है।
  • लीगल कौम्पाइलेन्स: न्यूनतम कानूनी इंश्योरेंस आवश्यकता को पूरा करता है।
  • सरल और बुनियादी: उन लोगों के लिए आदर्श जिन्हें केवल बुनियादी कवरेज की आवश्यकता है।

खामियां

  • नो ओन डैमेज कवरेज: आपके वाहन को होने वाली किसी भी डैमेजेस को कवर नहीं किया जाता है।
  • सीमित सुरक्षा: इसमें चोरी, आग या प्राकृतिक आपदाएँ शामिल नहीं हैं।

कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस की खूबियां और खामियां

खूबियां

  • ऑलराउंड सुरक्षा: थर्ड-पार्टी डैमेजेस और ओन व्हीकल डैमेजेस दोनों को कवर करता है।
  • अतिरिक्त कवरेज: चोरी, आग, प्राकृतिक आपदाओं आदि से बचाता है।
  • मन की शांति: आपको भारी मरम्मत बिलों के भुगतान के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है।

खामियां

  • उच्च प्रीमियम: कॉम्प्रिहेंसिव कवरेज उच्च लागत के साथ आता है।
  • अनिवार्य नहीं: यदि आप केवल कानूनी अनुपालन की तलाश में हैं, तो यह आपकी आवश्यकता से अधिक कवरेज हो सकता है।

थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस उन लोगों के लिए आदर्श है जो बुनियादी, कानूनी रूप से अनुपालन कवरेज चाहते हैं। दूसरी ओर, कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस कॉम्प्रिहेंसिव सुरक्षा प्रदान करता है, जिसमें आपके अपने वाहन के लिए कवरेज भी शामिल है। यदि आपकी कार महत्वपूर्ण मूल्य रखती है या यदि आप उच्च जोखिम वाली परिस्थितियों में गाड़ी चलाते हैं, तो कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस सुरक्षित विकल्प है।

निर्णय लेने से पहले अपने जोखिमों और जरूरतों का आकलन करें। भविष्य में किसी भी आश्चर्य से बचने के लिए अपनी पॉलिसी के नियमों और शर्तों की समीक्षा करना सुनिश्चित करें।

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फ़ैशन संपादक की पसंद

फैशन रिटेलर इंडिटेक्स ने की शानदार नतीजों की घोषणा

स्पैनिश फैशन रिटेलर इंडिटेक्स ने बाजार की उम्मीदों को पार करते हुए मजबूत तिमाही आंकड़े दर्ज किए हैं। कंपनी, जिसके पास ज़ारा, बर्शका, मास्सिमो दुती, ओशो, पुल एंड बियर और स्ट्राडिवेरियस जैसे लोकप्रिय ब्रांड हैं, अपने मार्जिन के बारे में चिंताओं के बावजूद मजबूत बिक्री का अनुभव कर रही है। इंडिटेक्स ने घोषणा की कि उसके स्प्रिंग-समर कलेक्शन की बिक्री में पिछले महीने के दौरान 16% की वृद्धि हुई है, जो बढ़ी हुई वेतन लागत और इसके पर्याप्त रूसी व्यवसाय के नुकसान के बावजूद लचीलापन प्रदर्शित करता है।

दुनिया की सबसे बड़ी फास्ट फैशन कंपनी ने अप्रैल में समाप्त पहली तिमाही के लिए 1.2 बिलियन यूरो (1.24 बिलियन डॉलर) का शुद्ध लाभ प्रकट किया, जो कि अनुमानित 54% की वृद्धि से बेहतर है। यह आंकड़ा Refinitiv द्वारा प्रदत्त विश्लेषकों के 980 मिलियन यूरो के औसत पूर्वानुमान से अधिक है।

इंडिटेक्स ने फरवरी से अप्रैल की अवधि के लिए अपने परिणाम जारी किए, जबकि एचएंडएम 15 जून को अपनी मार्च-मई की बिक्री पर एक अपडेट प्रदान करने के लिए निर्धारित है। दोनों कंपनियों ने इस साल बाजार में 30% और 27% के लाभ के साथ मजबूत प्रदर्शन देखा है। क्रमशः, किफायती लेकिन फैशनेबल कपड़ों की मांग करने वाले उपभोक्ताओं से लाभान्वित।

अपनी रणनीति के हिस्से के रूप में, इंडिटेक्स यूरोज़ोन के बाहर के बाजारों में उच्च कीमतों को बनाए रखता है। संयुक्त राज्य अमेरिका, मैक्सिको और सऊदी अरब जैसे देशों में, कुछ कपड़े अपने घरेलू बाजार की तुलना में 91% अधिक महंगे हो सकते हैं।

गैर-घरेलू बाजारों में उच्च मूल्य निर्धारण ने इंडीटेक्स के मार्जिन में योगदान दिया हो सकता है। उदाहरण के लिए, सऊदी अरब में उच्च कमर वाले ज़ारा पतलून की एक जोड़ी की कीमत 199 सऊदी रियाल (49.63 यूरो) है, जबकि स्पेन या पुर्तगाल में ग्राहक उसी परिधान के लिए 25.95 यूरो का भुगतान करेंगे। इंडिटेक्स के होम मार्केट की तुलना में खाड़ी राज्यों में ज़ारा ट्राउज़र्स के लिए कीमत का अंतर 71% से 91% तक है।

गल्फ मार्केट और अमेरिका में ज़ारा का विस्तार

इंडिटेक्स गल्फ मार्केट में अपनी उपस्थिति का विस्तार कर रहा है, 2022 में छह खाड़ी राज्यों में 23 नए स्टोर खोल रहा है। स्पेन। 31 जनवरी, 2023 तक, ज़ारा के यू.एस. में 98 स्टोर थे, अगले दो वर्षों में 30 और स्टोर खोलने की योजना थी।

ज़ारा फैशन ब्रांड

रूसी व्यवसाय के बंद होने से नुकसान

मार्च 2022 में, मॉस्को के यूक्रेन पर आक्रमण और बाद में पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण इंडिटेक्स ने रूस में 500 से अधिक स्टोर बंद कर दिए। कंपनी ने अक्टूबर में अपना रूसी कारोबार यूएई स्थित डेहर ग्रुप को बेच दिया था।

Inditex का उद्देश्य चेकआउट कतारों को कम करने के लिए परिधान-एम्बेडेड चिप्स के साथ अधिक स्व-स्कैनिंग चेकआउट लागू करके और हार्ड एंटी-थेफ्ट टैग को बदलकर ग्राहक अनुभव को बढ़ाना है।

कंपनी ने 60.5% का रिकॉर्ड सकल मार्जिन हासिल किया, जो ग्राहकों को उच्च कीमतों पर पारित करने की क्षमता का संकेत देता है, जबकि प्रतियोगियों को मार्जिन दबाव का सामना करना पड़ता है। इंडिटेक्स को उम्मीद है कि इसका सकल मार्जिन 2023 तक स्थिर रहेगा।

सस्टेनेबल फैशन और ज़रा की पहल

वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा फास्ट-फ़ैशन रिटेलर ज़ारा सालाना लगभग 450 मिलियन परिधानों का निर्माण करती है और प्रति सप्ताह 500 नए डिज़ाइन पेश करती है, जो हर साल कुल मिलाकर लगभग 20,000 डिज़ाइन पेश करती है। ज़ारा के फास्ट-फ़ैशन मॉडल की सफलता ने पूरे उद्योग को एक समान दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया है, जिसके परिणामस्वरूप साल भर फैशन परिधानों की अभूतपूर्व मात्रा का उत्पादन होता है।

2000 और 2014 के बीच, कपड़ों का उत्पादन दोगुना हो गया, जबकि औसत उपभोक्ता ने 2000 की तुलना में 2014 में 60% अधिक कपड़े खरीदे लेकिन प्रत्येक परिधान को केवल आधे समय तक बनाए रखा। अनुमान अगले दशक में परिधान खपत में 63% की वृद्धि का संकेत देते हैं। दुर्भाग्य से, दुनिया भर में उत्पादित सभी कपड़ों का एक प्रतिशत से भी कम पुनर्नवीनीकरण किया जाता है।

सस्टेनेबल फैशन और रीसाइक्लिंग

फास्ट-फ़ैशन कंपनियों ने कपड़ों के पुनर्चक्रण जैसे विचारों की खोज की है। हालाँकि, बड़े पैमाने पर कपड़ों के पुनर्चक्रण के लिए मौजूदा बुनियादी ढाँचा अपर्याप्त है, भले ही कपड़ों को दुकानों में एकत्र किया गया हो। नए उत्पादों के उत्पादन की तुलना में कपड़ों के पुनर्चक्रण में अक्सर अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।

बड़े वैश्विक कॉर्पोरेट खुदरा विक्रेता आमतौर पर अपने मुख्य व्यवसाय मॉडल को बदलने या स्थिरता-संचालित संस्कृतियों को स्थापित करने के लिए अनिच्छुक होते हैं। इस तरह के बदलावों को लागू करने से उनके संपूर्ण व्यवसाय ढांचे में व्यापक बदलाव की आवश्यकता होगी।

जबकि ज़ारा 1,800 आपूर्तिकर्ताओं वाली आपूर्ति श्रृंखला का दावा करती है, अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए प्रति वर्ष आयोजित व्यक्तिगत आपूर्तिकर्ता ऑडिट की आवृत्ति अज्ञात रहती है। ऐसे परिधानों का निर्माण करना जो केवल कुछ महीनों तक पहनने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, संसाधनों का व्यर्थ उपयोग होता है।

एक संभावित कदम में मरम्मत या सिलाई सेवाओं की पेशकश शामिल हो सकती है। टेलरिंग से ऐसे कपड़े बनते हैं जो त्रुटिहीन रूप से फिट होते हैं, उनके भावनात्मक मूल्य को बढ़ाते हैं। जब कपड़े अच्छी तरह से फिट होते हैं और हमारे शरीर को आकर्षक बनाते हैं, तो हम उनके प्रति एक मजबूत लगाव विकसित करते हैं और उन्हें लंबे समय तक रखने की संभावना अधिक होती है।

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फ़ैशन संपादक की पसंद

एली साब वेडिंग गाउन में प्रिंसेस रजवा अल-हुसैन लगीं बेहद खूबसूरत

जॉर्डन के क्राउन प्रिंस हुसैन ने सऊदी व्यवसायी खालिद अल सैफ की बेटी रजवा अल-हुसैन से शादी की। शाही जोड़े का विवाह समारोह 1 जून, 2023 को ज़हरान पैलेस में आयोजित किया गया। आधिकारिक तौर पर क्राउन प्रिंस से शादी करने के बाद, प्रिसेस रजवा से अब शाही घराने की गतिविधियों में भाग लेने की उम्मीद है। दुल्हन अपने विशेष रूप से सिलवाए गए एली साब गाउन में बहुत खूबसूरत लग रही थी।

एली साब वेडिंग गाउन में प्रिंसेस रजवा

बहुत प्रत्याशा के बाद, जॉर्डन की नई क्राउन राजकुमारी रजवा अल-हुसैन ने गुरुवार को अम्मान में क्राउन प्रिंस हुसैन बिन अब्दुल्ला द्वितीय के साथ शादी के बंधन में बंधने के बाद अपनी शादी की पोशाक का खुलासा किया। दुल्हन, जिसे पहले रजवा अल-सैफ के नाम से जाना जाता था, ने लेबनानी डिजाइनर एली साब की पारंपरिक सफेद पोशाक पहनी थी। फुल स्लीव्स वाला गाउन, उसके पीछे कई मीटर तक फैला एक नाटकीय घूंघट और एक स्टाइलिश ड्रेप्ड नेकलाइन द्वारा पूरक था।

राजकुमारी रजवा अल-हुसैन एक सऊदी व्यवसायी और निजी स्वामित्व वाले अल सैफ समूह के सीईओ खालिद अल सैफ और उनकी पत्नी अज़्ज़ा अल सुदैरी के चार बच्चों में सबसे छोटी हैं। अल सैफ वंश सुदैर में अल-अत्तर शहर के सरदारों, सुबाई जनजाति के लिए वापस जाता है।

लगभग 140 उपस्थित लोगों ने समारोह में भाग लिया, जिसमें रॉयल हाशमाइट परिवार, आमंत्रित रॉयल्टी और राज्यों के प्रमुख शामिल थे। यहां तक कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन और यूएस फर्स्ट लेडी जिल बिडेन ने भी सोशल मीडिया पर बधाई दी।

जॉर्डन के राजकुमार हुसैन

भविष्य के हशमाइट किंग का जन्म 28 जून 1994 को अम्मान के किंग हुसैन मेडिकल सेंटर में हुआ था। वह तत्कालीन-क्राउन प्रिंस अब्दुल्ला और क्राउन प्रिंसेस रानिया की पहली संतान थे। अपने नाना राजा हुसैन के नाम पर, वह हमेशा सिंहासन के उत्तराधिकारी नहीं थे। जार्डन का संविधान एक सम्राट को अपना उत्तराधिकारी चुनने की अनुमति देता है, और अब्दुल्ला ने अपने स्वर्गारोहण के समय यही किया।

क्राउन प्रिंस की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में से एक थी जब वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सत्र की अध्यक्षता करने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति बने। यहां, उन्होंने वैश्विक शांति और सुरक्षा बनाए रखने और युवाओं को चरमपंथी समूहों के साथ जुड़ने से रोकने पर अपने विचार व्यक्त किए।

क्राउन प्रिंस हुसैन ने कठोर सैन्य प्रशिक्षण भी लिया है, जिसमें जॉर्डन के विशेष बलों की एक विशिष्ट इकाई 71 वीं आतंकवाद विरोधी बटालियन के साथ 2013 का प्रशिक्षण सत्र भी शामिल है।

उन्होंने 2017 में सैंडहर्स्ट मिलिट्री अकादमी में अपना प्रशिक्षण पूरा किया और वर्तमान में जॉर्डन सशस्त्र बलों में कप्तान के रूप में कार्यरत हैं।

रॉयल वेडिंग जॉर्डन

रॉयल वेडिंग में प्रिंस विलियम और प्रिंसेस केट शामिल हुए

प्रिंस विलियम और राजकुमारी केट जॉर्डन के राजकुमार हुसैन और राजकुमारी रजवा की शाही शादी में अप्रत्याशित रूप से उपस्थित हुए। वेल्स की राजकुमारी ने, अपने स्टाइल के अनुरूप, हमें शादी के लिए कैसे कपड़े पहनने हैं, इस पर एक मास्टर क्लास दी।

एली साब द्वारा डिज़ाइन किए गए सुरुचिपूर्ण फीता अलंकरणों से सजी लंबी आस्तीन और एक नकली गर्दन के साथ एक धूल भरे गुलाबी गाउन में शाही फैशन दिवा चकाचौंध थी। शानदार झुमके और एक सोने के क्लच बैग के साथ, राजकुमारी अपने पोशाक में लुभावनी लग रही थी।

प्रिंसेस बीट्राइस – रॉयल वेडिंग जॉर्डन

इस कार्यक्रम में यूएस फर्स्ट लेडी जिल बिडेन सहित कई प्रतिष्ठित अतिथि शामिल हुए; कतर की शेखा मोजा बिन्त नासिर; मलेशिया और नीदरलैंड के शाही जोड़े; किंग जुआन कार्लोस I और स्पेन की रानी सोफिया; लक्ज़मबर्ग के राजकुमार सेबेस्टियन; क्राउन प्रिंस फ्रेडरिक और डेनमार्क की क्राउन राजकुमारी मैरी; स्वीडन की क्राउन प्रिंसेस विक्टोरिया और वैस्टरगोटलैंड के ड्यूक प्रिंस डेनियल; हाकोन, नॉर्वे के क्राउन प्रिंस और हिसाको, राजकुमारी ताकामाडो और उनकी बेटी, जापान के ताकामाडो की राजकुमारी त्सुगुको, अन्य लोगों के साथ।

महारानी रानिया और राजा अब्दुल्ला – रॉयल वेडिंग जॉर्डन
रॉयल वेडिंग जॉर्डन
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संपादक की पसंद स्वास्थ्य

भारत सरकार का चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा

चिकित्सा पर्यटन हाल के वर्षों में उठा रहा है। जबकि बहुत से लोगों की बीमा योजनाओं या महंगे उपचार विकल्पों द्वारा कवरेज न होने के कारण अत्यधिक उन्नत पश्चिमी देशों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच नहीं है। भारत, थाईलैंड, तुर्की और मलेशिया चिकित्सा सेवाओं के प्रमुख स्थलों के रूप में उभर रहे हैं। कई देश, विशेष रूप से एशिया, पूर्वी यूरोप और लैटिन अमेरिका में, विकसित देशों की तुलना में काफी कम कीमतों पर चिकित्सा प्रक्रियाओं की पेशकश करते हैं। यह रोगियों को लागत के एक अंश पर देखभाल की समान गुणवत्ता या उससे भी बेहतर प्राप्त करने की अनुमति देता है।

आमतौर पर, लोग जटिल बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे देशों की यात्रा करते हैं जब स्वास्थ्य सेवा महंगी होती है, विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं होते हैं, या घर पर लंबी प्रतीक्षा अवधि होती है। भारत, थाईलैंड और मलेशिया चिकित्सा पर्यटन के लिए एशिया में तीन सबसे बड़े स्थलों के रूप में उभरे हैं। 2022 में, भारत सरकार ने स्वास्थ्य पर्यटन को गति देने के लिए “हील इन इंडिया” पोर्टल भी लॉन्च किया। स्वास्थ्य मंत्रालय के नेतृत्व में यह पहल भारत को स्वास्थ्य सेवा में वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करने और देश के भीतर चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रयास करती है।

हील इन इंडिया का उद्देश्य भारत में किफायती स्वास्थ्य देखभाल विकल्पों की तलाश करने वाले अंतरराष्ट्रीय रोगियों के लिए उपचार पैकेजों का मानकीकरण करना है। वर्तमान में, देश भर में विभिन्न कीमतों पर चिकित्सा उपचार की पेशकश की जाती है।

इस पहल में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोग शामिल है और इसमें आधुनिक और पारंपरिक दोनों तरह की चिकित्सा पद्धतियां शामिल हैं। इसका लक्ष्य चिकित्सा उपचार के लिए भारत आने वाले विदेशी नागरिकों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है।

मलेशिया, तुर्की और थाईलैंड जैसे अन्य देश भी स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा सेवाओं और पर्यटन को बढ़ावा दे रहे हैं। मलेशिया का चिकित्सा पर्यटन उद्योग विकास के एक महत्वाकांक्षी दूसरे चरण की शुरुआत कर रहा है। सरकारी समर्थन के साथ, क्षेत्र विशेष रूप से कार्डियोलॉजी और ऑन्कोलॉजी में उच्च मूल्य सेवाओं की ओर बढ़ रहा है। इस रणनीतिक बदलाव का उद्देश्य इंडोनेशियाई रोगियों पर निर्भरता कम करना और इसके बजाय विभिन्न देशों के व्यक्तियों को आकर्षित करना है।

विशिष्ट उपचारों तक पहुंच: कुछ चिकित्सा प्रक्रियाएं या उपचार किसी रोगी के गृह देश में उपलब्ध या सुलभ नहीं हो सकते हैं। चिकित्सा पर्यटन विशेष उपचार, अत्याधुनिक तकनीक, या प्रक्रियाओं का उपयोग करने का अवसर प्रदान करता है जो स्थानीय रूप से उपलब्ध नहीं हो सकते हैं।

कम प्रतीक्षा समय: सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली वाले देशों में, कुछ प्रक्रियाओं या परामर्शों के लिए लंबा प्रतीक्षा समय एक महत्वपूर्ण मुद्दा हो सकता है। चिकित्सा पर्यटन रोगियों को इन प्रतीक्षा सूचियों को बायपास करने और समय पर उपचार प्राप्त करने की अनुमति देता है।

उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल: चिकित्सा पर्यटकों की सेवा करने वाले कई देशों में अच्छी तरह से स्थापित स्वास्थ्य सुविधाएं और प्रसिद्ध चिकित्सा पेशेवर हैं। मरीज अत्यधिक कुशल और अनुभवी डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों से उपचार प्राप्त करने के लिए इन स्थलों की तलाश करते हैं।

यात्रा के साथ स्वास्थ्य सेवा का संयोजन: चिकित्सा पर्यटन अवकाश यात्रा के साथ चिकित्सा उपचार के संयोजन का लाभ प्रदान करता है। मरीज आकर्षक पर्यटन स्थलों में प्रक्रियाओं से गुजर सकते हैं और ठीक हो सकते हैं, उपचार प्रक्रिया के दौरान अधिक सुखद और आराम का अनुभव प्रदान करते हैं।

चिकित्सा पर्यटन में कुछ उल्लेखनीय उभरते देश

थाईलैंड: थाईलैंड कई वर्षों से चिकित्सा पर्यटन के लिए एक प्रमुख स्थान रहा है। यह बैंकाक, फुकेत और चियांग माई में प्रसिद्ध अस्पतालों और क्लीनिकों के साथ सस्ती कीमतों पर चिकित्सा प्रक्रियाओं की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है। देश कॉस्मेटिक सर्जरी, दंत चिकित्सा प्रक्रियाओं और वेलनेस रिट्रीट में अपनी विशेषज्ञता के लिए जाना जाता है।

मलेशिया: मलेशिया ने अपनी उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा प्रणाली और विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं के लिए एक प्रतिष्ठा विकसित की है। यह विशेष रूप से कार्डियक प्रक्रियाओं, प्रजनन उपचार और कॉस्मेटिक सर्जरी में अपनी विशेषज्ञता के लिए जाना जाता है। कुआलालंपुर और पेनांग प्रतिस्पर्धी कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण देखभाल चाहने वाले चिकित्सा पर्यटकों के लिए लोकप्रिय गंतव्य हैं।

भारत: दुनिया भर के रोगियों को आकर्षित करते हुए भारत चिकित्सा पर्यटन उद्योग में एक प्रमुख खिलाड़ी बन गया है। यह कार्डियक सर्जरी, आर्थोपेडिक प्रक्रियाओं और अंग प्रत्यारोपण सहित चिकित्सा उपचार और प्रक्रियाओं की एक विविध श्रेणी प्रदान करता है। भारत अपने अत्यधिक कुशल डॉक्टरों, अत्याधुनिक अस्पतालों और लागत प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जाना जाता है।

मेक्सिको: मेक्सिको ने चिकित्सा पर्यटन के लिए एक उभरते हुए गंतव्य के रूप में लोकप्रियता हासिल की है, विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा के रोगियों के लिए। यह दंत चिकित्सा उपचार, कॉस्मेटिक सर्जरी और बेरियाट्रिक सर्जरी सहित कई सस्ती चिकित्सा प्रक्रियाएं प्रदान करता है। तिजुआना, कैनकन और मैक्सिको सिटी जैसे शहर चिकित्सा पर्यटकों के लिए लोकप्रिय विकल्प हैं।

तुर्की: तुर्की ने अपने स्वास्थ्य देखभाल के बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण निवेश किया है और चिकित्सा पर्यटन के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य बन गया है। यह हेयर ट्रांसप्लांटेशन, कॉस्मेटिक सर्जरी, प्रजनन उपचार और आंखों की सर्जरी सहित चिकित्सा प्रक्रियाओं की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है। इस्तांबुल और एंटाल्या चिकित्सा पर्यटकों के लिए लोकप्रिय शहर हैं।

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई): संयुक्त अरब अमीरात, विशेष रूप से दुबई, मध्य पूर्व में चिकित्सा पर्यटन के लिए एक केंद्र के रूप में उभरा है। यह अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं, उन्नत उपचार और एक शानदार स्वास्थ्य सेवा अनुभव प्रदान करता है। दुबई कॉस्मेटिक और पुनर्निर्माण सर्जरी, कल्याण उपचार और उन्नत चिकित्सा जांच में अपनी विशेषज्ञता के लिए जाना जाता है।

दक्षिण कोरिया: दक्षिण कोरिया ने अपनी उन्नत स्वास्थ्य देखभाल प्रौद्योगिकी और कुशल चिकित्सा पेशेवरों के लिए मान्यता प्राप्त की है। यह कॉस्मेटिक और प्लास्टिक सर्जरी, त्वचा संबंधी उपचार और स्टेम सेल थेरेपी जैसी विशेष प्रक्रियाओं के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य है। सियोल दक्षिण कोरिया में चिकित्सा पर्यटन के लिए प्राथमिक शहर है।

ये चिकित्सा पर्यटन के लिए उभरते स्थलों के कुछ उदाहरण हैं। कोस्टा रिका, कोलंबिया, ब्राजील, पोलैंड और हंगरी जैसे अन्य देश भी अपने किफायती स्वास्थ्य विकल्पों और गुणवत्ता सेवाओं के साथ चिकित्सा पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। चिकित्सा पर्यटन पर विचार करने वाले व्यक्तियों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे कोई भी निर्णय लेने से पहले गंतव्य और चिकित्सा प्रदाताओं की सुविधाओं, विशेषज्ञता और प्रतिष्ठा का पूरी तरह से शोध और मूल्यांकन करें।

मेडिकल टूरिज्म डेस्टिनेशन चुनने के लिए महत्वपूर्ण टिप्स

जबकि चिकित्सा पर्यटन समय और धन की बचत करता है, लोगों को चिकित्सा सुविधा का चयन करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। आसान इंटरनेट पहुंच के साथ, उपचार के विकल्पों की योजना बनाने से पहले डॉक्टरों और चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ प्रभावी ढंग से संवाद करना संभव हो गया है। जबकि चिकित्सा पर्यटन गुणवत्ता और लागत प्रभावी स्वास्थ्य देखभाल विकल्पों की पेशकश कर सकता है, व्यक्तियों के लिए सुरक्षा से संबंधित निम्नलिखित पहलुओं पर विचार करना आवश्यक है:

हेल्थकेयर सुविधा का विकल्प: उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल प्रदान करने के ट्रैक रिकॉर्ड के साथ अनुसंधान करें और एक प्रतिष्ठित स्वास्थ्य सुविधा का चयन करें। सुविधा के मानकों और प्रतिष्ठा का आकलन करने के लिए प्रमाणन, मान्यता और रोगी समीक्षा देखें। संयुक्त आयोग इंटरनेशनल (JCI) या मानकीकरण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संगठन (ISO) जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त संगठनों से मान्यता उच्च स्तर की सुरक्षा और गुणवत्ता का संकेत दे सकती है।

चिकित्सा पेशेवरों की योग्यता: प्रक्रिया में शामिल होने वाले चिकित्सा पेशेवरों की योग्यता, अनुभव और साख की पुष्टि करें। सुनिश्चित करें कि उन्हें ठीक से लाइसेंस दिया गया है और आपके लिए आवश्यक विशिष्ट उपचार या प्रक्रिया में विशेषज्ञता है।

संचार और भाषा बाधा: चिकित्सा उपचार में प्रभावी संचार महत्वपूर्ण है। सुनिश्चित करें कि आप स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के साथ प्रभावी ढंग से संवाद कर सकते हैं और प्रदान की गई जानकारी को समझ सकते हैं। भाषा अवरोध संभावित रूप से सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए यदि आवश्यक हो तो दुभाषियों या अनुवादकों का उपयोग करने पर विचार करें।

यात्रा-पूर्व तैयारी: चिकित्सा पर्यटन शुरू करने से पहले, यात्रा के लिए अपनी उपयुक्तता और विशिष्ट प्रक्रिया का आकलन करने के लिए अपने स्थानीय स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से परामर्श करें। प्रक्रिया आपके लिए सुरक्षित है यह सुनिश्चित करने के लिए अपना चिकित्सा इतिहास, पिछले उपचार, और किसी भी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति को साझा करें। उचित देखभाल प्राप्त करने के लिए अपनी चिकित्सा पृष्ठभूमि के बारे में पारदर्शी होना महत्वपूर्ण है।

पोस्ट-प्रोसीजर केयर: पोस्ट-प्रोसीजर केयर और फॉलो-अप अपॉइंटमेंट्स की उपलब्धता और पहुंच पर विचार करें। अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के साथ अपेक्षित पुनर्प्राप्ति प्रक्रिया, संभावित जटिलताओं और किसी भी आवश्यक अनुवर्ती उपचार पर चर्चा करें।

यात्रा और आवास: परिवहन, आवास और बीमा कवरेज सहित यात्रा रसद को ध्यान में रखें। सुनिश्चित करें कि प्रक्रिया के दौरान या बाद में उत्पन्न होने वाली किसी भी आपात स्थिति या जटिलताओं के लिए आपके पास एक स्पष्ट योजना है।

चिकित्सा मानक और विनियम: प्रदान किए गए पर्यवेक्षण और रोगी सुरक्षा के स्तर को समझने के लिए गंतव्य देश के चिकित्सा मानकों और विनियमों पर शोध करें। उन देशों की तलाश करें जिनके पास अच्छी तरह से स्थापित स्वास्थ्य देखभाल नियम हैं और रोगी सुरक्षा के लिए सख्त मानकों को लागू करते हैं।

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फ़ैशन संपादक की पसंद

कम मांग के चलते भारतीय पॉलिश हीरा निर्यात में गिरावट

दुनिया भर के गहनों में सेट किए गए 15 में से लगभग 14 हीरे भारत में काटे और पॉलिश किए जाते हैं, भारत हीरे की कटाई और पॉलिशिंग उद्योग पर हावी है। डायमंड पॉलिशिंग और कटिंग में ग्लोबल लीडर होने के नाते गुजरात का सूरत हब है। 2021 में, भारत ने दुनिया भर में $26 बिलियन मूल्य के हीरे का प्रभावशाली निर्यात किया।

हालाँकि, हाल ही में मंदी के संकेत मिले हैं। वित्तीय वर्ष 2023 में, भारत के सकल हीरे के निर्यात में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10% की गिरावट आई है, जिसके परिणामस्वरूप वर्तमान मूल्य $22 बिलियन है। यह गिरावट उद्योग के लिए चिंता का विषय है क्योंकि पिछले साल कुल रत्न और आभूषण निर्यात में तराशे और पॉलिश किए गए हीरों का हिस्सा लगभग 62% था।

इस स्थिति से सबसे अधिक प्रभावित शहर सूरत है, जो भारतीय हीरा उद्योग का दिल बनाता है। सूरत 800,000 से अधिक लोगों को रोजगार देता है और हीरा काटने और चमकाने के व्यापार में इसका एकाधिकार है। दुर्भाग्य से, सूरत में प्रसंस्करण इकाइयाँ वर्तमान में केवल 70% क्षमता पर काम कर रही हैं, और लगभग 20,000 कर्मचारियों को पहले ही निकाल दिया गया है।

अब, आइए देखें कि भारत हीरा निर्यात उद्योग में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी कैसे बना। दुनिया के बाकी हिस्सों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए बड़े पैमाने पर हीरे की खदानें नहीं होने के बावजूद, भारत ने हीरे की कटाई और पॉलिश पर ध्यान केंद्रित करके अपने इतिहास का लाभ उठाया। इस क्षेत्र में भारत की सफलता का श्रेय इसकी कम श्रम लागत को दिया जा सकता है। उदाहरण के लिए, जबकि अमेरिका हीरे को काटने के लिए 100 डॉलर प्रति कैरेट खर्च करता है, भारत इसे केवल 10% लागत पर कर सकता है। इसके अलावा, भारत के पास एक कुशल कार्यबल है जो छोटे हीरों के साथ काम करने में उत्कृष्ट है, जिसके लिए गहन श्रम की आवश्यकता होती है। नतीजतन, भारत ने 1 कैरेट से कम के कटे और पॉलिश किए गए हीरे के उद्योग पर एकाधिकार कर लिया है।

सूरत 1900 के दशक की शुरुआत में मवजीवनवाला बंधुओं के उद्यमशीलता के प्रयासों की बदौलत हीरा काटने और चमकाने के लिए एक केंद्र के रूप में उभरा। 1960 के दशक में जब गुजरातियों ने एंटवर्प, बेल्जियम में प्रसिद्ध हीरा व्यापार केंद्र में प्रवास करना शुरू किया तो हीरे के व्यापार में तेजी आई। स्थानीय श्रमिकों को नियोजित करने के बजाय, इन भारतीय प्रवासियों ने हीरा पॉलिशिंग के लिए सूरत में सस्ते पारिवारिक श्रम का उपयोग किया।

हालाँकि, भारत के हीरा उद्योग की चमक वर्तमान में कई कारकों के कारण फीकी पड़ रही है। सबसे पहले, अमेरिका और चीन, भारत के सबसे बड़े निर्यात गंतव्य, हीरे की मांग में कमी का अनुभव कर रहे हैं क्योंकि उपभोक्ता अपनी कमर कस रहे हैं। दूसरे, यूक्रेन पर रूस के आक्रमण ने हीरे के व्यापार को बाधित कर दिया, क्योंकि भारत के कच्चे हीरे का लगभग 30% रूस से आता है। रूस और पश्चिमी दुनिया के बीच प्रतिबंध और विच्छेदित बैंकिंग संबंधों का महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा। अप्रैल 2022 से, रूस से कच्चे हीरे के भारत के आयात में 40% की गिरावट आई है।

रुपये का उपयोग करके ट्रेडों को व्यवस्थित करने का प्रयास असफल रहा, क्योंकि रूसी इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं थे। इसने भारत के हीरा व्यापारियों को एक मुश्किल स्थिति में डाल दिया, जो अपनी जरूरतों के लिए पर्याप्त पत्थरों के स्रोत के लिए संघर्ष कर रहे थे। रूसी हीरों की उत्पत्ति का पता लगाना पश्चिमी दुनिया के लिए एक प्राथमिकता बन गया है, जो संभावित रूप से सूरत के हीरों के लिए और अधिक चुनौतियों का कारण बन गया है। हालांकि, यह उम्मीद की जाती है कि प्रतिबंध मुख्य रूप से 1 कैरेट से अधिक बड़े हीरे को प्रभावित करेंगे, जिससे सूरत की छोटे पत्थरों में विशेषज्ञता अपने हीरा उद्योग को संभावित रूप से सुरक्षित रख सकेगी।

स्थिति अनिश्चित बनी हुई है, और सूरत के हीरा उद्योग पर इसका प्रभाव पूरी तरह से महसूस किया जाना बाकी है।

सबसे बड़े हीरे के भंडार वाले देश

चल रही अन्वेषण और खनन गतिविधियों के साथ-साथ नई खोजों के कारण हीरे के भंडार समय के साथ बदल सकते हैं। वर्तमान में, सबसे बड़ा हीरा भंडार निम्नलिखित देशों में है:

रूस: रूस दुनिया में हीरों का सबसे बड़ा उत्‍पादक और निर्यातक है। इसके पास मुख्य रूप से याकुटिया क्षेत्र में स्थित हीरे के व्यापक भंडार हैं, विशेष रूप से मिर्नी और उडाचनी खानों में।

बोत्सवाना: बोत्सवाना विश्व स्तर पर हीरों का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है और इसके पास हीरों का पर्याप्त भंडार है। देश की हीरे की खदानें, जिनमें ओरापा, ज्वानेंग और लेटलहाकने खदानें शामिल हैं, इसकी अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।

कनाडा: कनाडा अपनी हीरे की खानों के लिए जाना जाता है, खासकर उत्तर पश्चिमी क्षेत्रों में। डियाविक और एकती खदानें देश के प्रमुख हीरा उत्पादक परिचालनों में से एक हैं।

कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी): डीआरसी एक प्रमुख हीरा उत्पादक देश है जहां हीरे के महत्वपूर्ण भंडार हैं। देश के हीरा उद्योग को कॉन्फ्लिक्ट डायमंड से संबंधित चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, लेकिन उसने किम्बरले प्रोसेस सर्टिफिकेशन स्कीम के माध्यम से उन मुद्दों को हल करने के लिए कदम उठाए हैं।

ऑस्ट्रेलिया: ऑस्ट्रेलिया में उल्लेखनीय हीरे के भंडार हैं, और देश में हीरा खनन का इतिहास रहा है। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में Argyle खदान, जो अपने गुलाबी हीरों के लिए जानी जाती है, 2020 में परिचालन बंद होने तक हीरे के दुनिया के सबसे बड़े स्रोतों में से एक थी।

दक्षिण अफ्रीका: हालांकि दक्षिण अफ्रीका ऐतिहासिक रूप से एक महत्वपूर्ण हीरा उत्पादक था, समय के साथ इसके हीरे के भंडार कम हो गए हैं। हालाँकि, देश में अभी भी कुछ सक्रिय हीरे की खदानें हैं, जैसे कि वेनेटिया खदान।

एंटवर्प, बेल्जियम को व्यापक रूप से दुनिया की हीरा व्यापारिक राजधानी माना जाता है। यह एंटवर्प डायमंड डिस्ट्रिक्ट की मेजबानी करता है, जहां दुनिया के कच्चे हीरों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा व्यापार और संसाधित होता है। हीरा उद्योग में बेल्जियम एक प्रमुख खिलाड़ी है, एंटवर्प में केंद्रित हीरा व्यापार और विनिर्माण गतिविधियों दोनों के साथ।

सबसे बड़ी हीरों की कंपनी: डी बियर्स

सबसे बड़ा हीरों के उपभोगता

संयुक्त राज्य अमेरिका: हीरे की खपत के मामले में संयुक्त राज्य अमेरिका विश्व स्तर पर सबसे बड़ा हीरा बाजार है। इसमें कई हीरे के गहने स्टोर और हीरों की उच्च मांग के साथ एक मजबूत खुदरा क्षेत्र है। न्यूयॉर्क, लॉस एंजिल्स और शिकागो जैसे शहर अपने संपन्न हीरे के बाजारों के लिए जाने जाते हैं।

चीन: चीन तेजी से बढ़ता हीरा बाजार है और हाल के वर्षों में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन गया है। बढ़ते मध्यम वर्ग और बढ़ती प्रयोज्य आय के कारण हीरे की मांग में वृद्धि हुई है। शंघाई और बीजिंग जैसे शहरों में इस बढ़ते बाजार को पूरा करने वाले लक्ज़री ज्वेलरी रिटेलर्स की एक मजबूत उपस्थिति है।

भारत: भारत में हीरे की खपत की एक लंबी परंपरा है और यह दुनिया के सबसे बड़े हीरे के बाजारों में से एक है। देश में हीरे के गहनों का एक बड़ा घरेलू बाजार है, और भारत हीरे की कटाई, पॉलिशिंग और व्यापार का एक प्रमुख केंद्र भी है। मुंबई और सूरत भारत के भीतर प्रमुख हीरे के केंद्र हैं।

जापान: उच्च गुणवत्ता वाले हीरों की मजबूत मांग के साथ जापान में एक अच्छी तरह से स्थापित हीरा बाजार है। देश छोटे, अच्छी तरह से तराशे गए हीरों को प्राथमिकता देता है, और टोक्यो हीरे के व्यापार और खुदरा के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है।

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई): संयुक्त अरब अमीरात, विशेष रूप से दुबई, एक वैश्विक व्यापार और लक्जरी खुदरा केंद्र के रूप में अपनी स्थिति के कारण एक प्रमुख हीरा बाजार के रूप में उभरा है। देश दुनिया भर से खरीदारों को आकर्षित करता है, और दुबई अपने हीरे के बाज़ारों और उच्च श्रेणी के गहनों की दुकानों के लिए प्रसिद्ध है।

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